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फाजिल्का जिले में अबोहर के सीड फार्म इलाके में नशा तस्करी के खिलाफ प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व ने सख्त अभियान शुरू किया है। पूर्व विधायक एवं आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज अरुण नारंग ने तस्करों को अंतिम चेतावनी दी है। बता दे कि पुलिस ने पिछले तीन महीनों में इस क्षेत्र में 32 मुकदमे दर्ज किए हैं। एक जनसभा को संबोधित करते हुए अरुण नारंग ने स्पष्ट किया कि अब सीड फार्म में नशे का काला कारोबार करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
नशा तस्करों को दी चेतावनी उन्होंने बताया कि पहले इस इलाके में छोटे से बड़े स्तर तक नशे का व्यापार सरेआम होता था, लेकिन अब सरकार की सख्ती से यह तंत्र कमजोर पड़ गया है। नारंग के अनुसार, कई बड़े और छोटे तस्कर जेल में हैं, जबकि अन्य ने डर के कारण यह धंधा छोड़ दिया है। लोगों को मुख्यधारा में वापस ला रही सरकार नारंग ने यह भी जानकारी दी कि सरकार केवल सख्ती नहीं कर रही, बल्कि नशा छोड़ने वालों को बठिंडा स्थित केंद्रों में इलाज के साथ-साथ रोजगार से जोड़कर मुख्यधारा में वापस ला रही है। उन्होंने क्षेत्र के सरपंचों से अपील की कि वे अपने गांवों को ‘नशा मुक्त’ घोषित करने के लिए इस मुहिम में अग्रणी भूमिका निभाएं। नशा तस्करों को भेजा जा रहा जेल नशा तस्करों पर नकेल कसने के लिए पुलिस विभाग भी पूरी तरह सक्रिय है। थाना प्रभारी रविंद्र सिंह और चौकी इंचार्ज भूपिंद्र सिंह ने बताया कि सीड फार्म और इसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अब तक 32 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस ने बड़ी संख्या में महिला और पुरुष तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। नशे के खिलाफ यह जीरो टॉलरेंस अभियान इलाके में स्थापित की गई पुलिस चौकी गेम-चेंजर साबित हुई है। पुलिस की 24 घंटे मौजूदगी और छापेमारी के कारण हेरोइन बेचने वालों के नेटवर्क ध्वस्त हो रहे हैं। थाना प्रभारी ने साफ किया कि नशे के खिलाफ यह जीरो टॉलरेंस अभियान आगे भी इसी तीव्रता के साथ जारी रहेगा।
फाजिल्का के सीड फार्म में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान:3 महीने में 32 केस दर्ज, कई गिरफ्तार, मुख्यधारा में लाने का प्रयास
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