फिलीपींस की जन मेरी और मेरठ के अमनमीत का रिश्ता:अमेरिका-यूके समेत कई देशों से आएंगे मेहमान,परिवारों में उत्सव का माहौल

Actionpunjab
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सूरजकुंड क्षेत्र एक ऐसे खास विवाह का साक्षी बनने जा रहा है, जहां सिर्फ दो परिवार नहीं, बल्कि दो देशों की संस्कृति और भावनाएं एक साथ जुड़ेंगी। फिलीपींस की जन मेरी अब मेरठ की बहू बनने जा रही हैं। उनका विवाह सूरजकुंड निवासी, शिरोमणि सिंह सभा के अध्यक्ष व प्रसिद्ध रागी जगमीत सिंह मीत के ज्येष्ठ पुत्र अमनमीत सिंह से होगा। दोनों की मुलाकात लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई के दौरान हुई थी, जहां उन्होंने तीन साल पहले साथ में शिक्षा ग्रहण की। अमनमीत सिंह ने गौतम गंभीर की ‘गंभीर फाउंडेशन’ में महाप्रबंधक के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई है। मीत परिवार सूरजकुंड के गांधीनगर क्षेत्र में निवास करता है और जगमीत सिंह 2018 से जर्मनी में पारंपरिक पोशाक के व्यवसाय से भी जुड़े हैं। दो देशों का संगम, परिवार में उत्सव का माहौल विवाह को लेकर मीत परिवार में उत्साह और उल्लास का माहौल है। अमनमीत सिंह, भवमीत सिंह और नूपुर तीन भाई-बहन हैं। शादी का निमंत्रण पत्र अंग्रेजी और जर्मन भाषा में तैयार कराया गया है, जो इस अंतरराष्ट्रीय रिश्ते की झलक दिखाता है। फिलीपींस सरकार में अर्थशास्त्री हैं जन मेरी जन मेरी पांच भाई-बहनों में से एक हैं और फिलीपींस सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस में अर्थशास्त्री के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता जेम मनालिली रिनोन पुलिस विभाग में अधिकारी रह चुके हैं, जबकि माता मेरीलेन मलारी रिनोन हैं। अमनमीत सिंह ने गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए किया और फिर 2023 में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स ऑफ पब्लिक पॉलिसी की डिग्री हासिल की। इस दौरान उन्होंने कई एनजीओ के साथ भी काम किया। 28 को रस्में, 29 मार्च को सिख रीति से विवाह परिवार के अनुसार, दोनों की सगाई पिछले वर्ष अप्रैल में हो चुकी है। जन मेरी अपने परिवार और करीब 40 मेहमानों के साथ 25 मार्च को भारत पहुंचेंगी। 28 मार्च को हल्दी और मेहंदी की रस्में होंगी, जबकि 29 मार्च को कैंट स्थित शीशे वाले गुरुद्वारे में सिख परंपरा के अनुसार विवाह संपन्न होगा। इस खास अवसर पर फिलीपींस के अलावा अमेरिका, यूके, मलेशिया, जर्मनी और यूक्रेन से भी अतिथि शामिल होंगे, जिससे यह विवाह अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संगम का प्रतीक बन जाएगा।

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