अमेरिका में ड्रग तस्कर गुरअमृत सिद्धू ने कबूला गुनाह:कनाडा में 17करोड़ का नशा हुआ था बरामद, 20 साल या उम्रकैद की सजा होगी

Actionpunjab
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अमेरिका से कनाडा में नशा तस्करी करने वाले गिरोह के किंग व पंजाबी मूल के गुरअमृत सिंह सिद्धू ने अदालत में अपना अपना गुनाह कबूल कर दिया है। गुरअमृत सिंह सिद्धू किंग के गिरोह के अब तक छह तस्करों को सजा हो चुकी हे। गुरअमृत सिंह सिद्धू ने 26 मार्च को अमेरिका की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में अपना गुनाह कबूला है अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की प्रेस रिलीज के मुताबिक, सिद्धू 24 जनवरी 2024 को पकड़ा गया था। उसके गिरोह में कुल 19 लोगों पर नशा तस्करी के चार्ज लगाए गए थे। इस केस में गुरअमृत सिद्धू किंग सातवें आरोपी हैं जिन्होंने दोषी करार दिया। अब उसकी सजा 9 जुलाई 2026 को तय होगी। अमेरिकी न्याय विभाग की रिलीज के मुताबिक सिद्धू को न्यूनतम 20 साल जेल और अधिकतम उम्रकैद हो सकती है। गुरअमृत सिंह की उम्र 62 साल है और वह कनाडा के ब्रैंप्टन शहर में रहता है। वो अपने गिरोह के साथ मिलकर अमेरिका से कनाडा के अलग-अलग शहरों में नशा सप्लाई करता था। ढाई साल केस चलने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया गया। एक महीने में 870 किलोग्राम से ज्यादा ड्रग्स किया सप्लाई गुरअमृत सिंह सिद्धू ने अदालत में माना कि उसने अमेरिका से कनाडा में सैकड़ों किलो मेथाम्फेटामाइन और कोकीन की तस्करी का पूरा ऑपरेशन चलाया। एक महीने के अंदर ही 870 किलोग्राम से ज्यादा ड्रग्स (523 किलो मेथ + 347 किलो कोकीन) की खेपें भेजी गईं, जिनकी कीमत 15 से 17 मिलियन डॉलर थी। गुरअमृत सिंह सिद्धू ने कैसे बना अमेरिका व कनाडा में ड्रग तस्करी का किंग, जानिए… अमेरिका से थोक में खरीदता है ड्रग: गुरअमृत सिंह सिद्धू ने सितंबर 2020 से फरवरी 2023 तक सिद्धू ने इस संगठन का पूरा नेतृत्व किया। उसकी स्ट्रेटेजी बहुत साफ और सुरक्षित थी। वह अमेरिका के मेक्सिको व लॉस एंजेलिस के सप्लायर्स से थोक में कोकीन और मेथाम्फेटामाइन खरीदता था। ट्रकों में सामान के साथ छुपाकर कराता था बॉर्डर क्राॅस: वह लंबी दूरी के सेमी ट्रकों का इस्तेमाल करता था। वह सामान के साथ ड्रग छिपाकर बॉर्डर क्रॉस करवाता था। सिद्धू डेट्रॉइट-विंडसर टनल, बफेलो पीस ब्रिज और ब्लू वॉटर ब्रिज के रास्ते ड्रग को अमेरिका से कनाडा में प्रवेश करवाता था। गिरोह में शामिल किए ट्रक ड्राइवर: गुरअमृत सिंह सिद्धू ने ड्रग एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंचाने के लिए अपने गिरोह में ट्रक ड्राइवरों को शामिल किया। ट्रक ड्राइवरों के जरिए ही वह अपना पूरा गिरोह चलाता था। सिद्धू ‘किंग’ खुद मैनेजर और ऑर्गनाइजर था। उसने ट्रक ड्राइवरों का पूरा नेटवर्क चलाया। कई कनाडाई ट्रक ड्राइवर उसके लिए काम करते थे। टोकन से होती थी डिलीवरी: सिद्धू खुद ट्रक ड्राइवरों को ‘टोकन’ देता था। हर कूरियर (ट्रक ड्राइवर) को एक खास टेलीफोन नंबर और करेंसी बिल का सीरियल नंबर दिया जाता था। ये ‘पहचान का टोकन’ था। लॉस एंजेलिस के स्टैश हाउस पर ड्रग्स लोड होने के बाद ड्राइवर को ये टोकन मिलता था। बॉर्डर पार करने और डिलीवरी के समय ये टोकन मैच किया जाता था। इससे कोई गलत व्यक्ति ड्रग्स नहीं ले सकता था। ऑपरेशन डेड हेंड के तहत पकड़ा गया: जनवरी 2024: ऑपरेशन डेड हेंड के तहत RCMP, FBI, LA IMPACT और अन्य एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की। कनाडा में 5 मुख्य आरोपी गिरफ्तार किए। गुरअमृत सिंह सिद्धू, आयुष शर्मा (25, ब्रैम्पटन), शुभम कुमार (29, कैलगरी), इवान ग्रेवल गोंजालेज (32, मॉन्ट्रियल) और रोबर्टो स्कॉपा (55) को पकड़ा। अमेरिका में भी कई ट्रक ड्राइवर और सप्लायर्स पकड़े गए। कुल 19 आरोपियों पर 23-काउंट इंडिक्टमेंट जारी किया गया। गिरफ्तारी से लेकर जांच में शामिल रही ये एजेंसियां इस मामले की जांच एफबीआई, लॉस एंजेलिस पुलिस डिपार्टमेंट, लॉस एंजेलिस इंटरएजेंसी मेट्रोपॉलिटन पुलिस अप्रिहेंशन क्राइम टास्क फोर्स (LA IMPACT), रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस, यूनाइटेड स्टेट्स कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन और मेक्सिको के लीगल इंफोर्समेंट अधिकारियों ने की। होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस और ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन ने भी सहयोग किया। ज्यूडिशियल डिपार्टमेंट के इंटरनेशनल अफेयर्स ऑफिस ने कनाडा की अधिकारियों के साथ मिलकर सिद्धू की गिरफ्तारी और अक्टूबर 2024 में उसके प्रत्यर्पण को सुनिश्चित किया।

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