उदयपुर के भारतीय लोक कला मंडल में कवि लाफ्टर चैंपियन सुरेश अलबेला, इंदौर से आए मुकेश मौलवा और कांकरोली के सुनील व्यास काव्य पाठ करते हुए।
उदयपुर के भारतीय लोक कला मंडल में मंगलवार की रात को हास्य कवि सम्मेलन देर रात तक जमा। कवियों ने भगवान महावीर से जुड़े संदेश कविताओं के जरिए दिए। आखिरी कवि लाफ्टर चैंपियन सुरेश अलबेला ने हंसाते हुए सबको लोट पोट कर दिया।
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गुरु कमल चंद्रोशन गौ सेवा ट्रस्ट एवं विद्यार्थी कल्याण संस्थान के साझे में भारतीय लोककला मंडल में आयोजित कवि सम्मेलन की शुरूआत राजसमंद के केलवा से आई कवियित्री भावना लोहार ने सरस्वती वंदना से की।
कवि लाफ्टर चैंपियन सुरेश अलबेला ने रात तक सबको हंसाया, उन्होंने कई किस्से सुनाते हुए जीवन से जुड़ी कई शिक्षा कविताओं के जरिए दी। इंदौर से आए मुकेश मौलवा ने राणा सांगा, बप्पारावल और भामाशाह के जीवन से जुड़ी कविताएं सुनाकर देशभक्ति के भाव भर दिए।

उदयपुर के राव अजातशत्रु ने संचालन किया।
कोटा से आए कवि राजेंद्र पंवार ने अपनी रचना फिक्र नहीं करते वीर कभी अपनी अपनी जान की ,गरिमा व महिमा बनीं रहे बस हिंदुस्तान की, अपनी वीरता से इतिहास नया गढ़ना बेटे अंतिम सांस तक, विश्व बनाकर लड़ना बेटे, कुर्बानियों पर गर्व करते हैं लोग शान से ,कोख धन्य होती है मां के पुत्र के बलिदान से… पर सुर्खियां बटोरी।
कांकरोली से आए कवि सुनील व्यास ने धरा का सार है गौ में, प्रकृति की दिव्य ऊर्जा है,शून्य से पूर्ण की ओर, चलने की ये पूजा है, अमृत है पय में इसके, प्राण में ब्रह्मांड समाया,यही तो ब्रह्म का विग्रह, न कोई और दूजा है… सुनाई। सुनील ने भी खूब हंसाया।

श्रोताओं ने लगातार तालियां बजाकर कवियों का साथ दिया।
कपासन से आए कवि शंकर सुखवाल ने नारियों पे हो रहा है, देखो अत्याचार, बढ़ता ही जा रहा ,हिंसा का कारोबार… कविता पर श्रोताओं ने तालियों की दाद दी। चेचट से आए कवि अर्जुन अल्हड़ ने रचना धरो पुनः विराट स्वरूप, संग गीता का सार लो,पापा सिंधु में वसुधा डूबी, बन वराह वसुधा तार लो, वंश मिटा दो गौ हत्यारों का,संतों को पुनःउत्थान दो… कविता सुनाई।

मावली के मनोज गुर्जर ने भी खूब तालियां बजवाई।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए उदयपुर के राव अजातशत्रु ने हिंसा की चौखट पर दुनिया,दुनिया में अहिंसा की जय हो, हे महावीर तेरी जय हो तेरी जय हो जय निश्चय हो….सुनाकर भगवान महावीर के संदेश श्रोता तक पहुंचाए।

आयोजक अपने गौ सेवा अभियान की जानकारी देते हुए।
उदयपुर के मावली के मनोज गुर्जर ने रचना मान जनक का जो ना करता, सुत दागी हो जाता हैं, सच कहता हूँ सुनो पाप का, वो भागी हो जाता हैं…प्रस्तुत कर पिता की महिमा को बताया।
मुख्य अतिथि 108 गौशालाओं में 56 भोग के ब्रांड एंबेसेडर डॉ जिनेंद्र शास्त्री ने इस अभियान में अधिक जुड़ने का आह्वान किया मुख्य अतिथि प्रमुख पर्यावरणविद् इंदौर के अशोक मेहता ने की।

कवि सम्मेलन सुनने आए शहरवासी।
सद्गुरु कमल चंद्ररोशन गोसेवा ट्रस्ट के संस्थापक संजय जैन ने स्वागत करते हुए बताया कि गुरुदेव कमल मुनि कमलेश की प्रेरणा व माता चंद्रकला एवं पिता रोशन लाल पोरवाल के आशीर्वाद से संचालित ट्रस्ट मुख्यतः गौ सेवा के लिये संकल्पित है। इस वर्ष गोवर्धन पूजा तक 108 गौशालाओं में 50000 से ज्यादा गौ माता को छप्पन भोग धराया जायेगा।