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मार्च के बाद अब अप्रैल की शुरुआत में बादलों की लुका-छिपी और ओलावृष्टि ने गर्मी को बेपटरी कर दिया। वजह उत्तर-पश्चिमी भारत में मौसम का बदला मिजाज है, जो दशकों पुराना ट्रेंड टूटने का संकेत है। 7 अप्रैल को नया और ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे पूरे प्रदेश में ओलावृष्टि और खंड वर्षा की संभावना है। शहर में शनिवार को भी सुबह धूप-छांव के साथ हुई। बीते 24 घंटे में लेकसिटी में अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री फिसलकर 31.8 डिग्री रह गया, जबकि अप्रैल में यह औसत 37.8 डिग्री रहता है। हालांकि न्यूनतम तापमान सामान्य से मामूली ऊपर 21.4 डिग्री रहा। इस महीने इसका औसत 21.4 डिग्री तय है। आगे: 10-15 अप्रैल तक ऐसा ही बना रहेगा मौसम मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरएस देवड़ा ने बताया कि गत 15 मार्च के बाद से पश्चिमी विक्षोभ की शृंखला बनी हुई है। ताजा अनुमान यह है कि मौसम का यह बदला हुआ स्वभाव 10 से 15 अप्रैल तक बना रह सकता है। यानी गर्मी करीब 10 दिन और नियंत्रण में रहेगी। काम की बात- सेहत-फसल पर दें ध्यान
मौसम के इस स्विंग के कारण वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। 15 अप्रैल तक तापमान में स्थिरता आने की उम्मीद कम है, इसलिए बदलता मौसम सेहत और फसलों, दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।
गर्मी का अप्रैल भी ठंडा:2 दिन बाद फिर बारिश-ओले संभव; पारा सामान्य से 6 डिग्री नीचे, 31.8 डिग्री
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