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चंडीगढ़ में करीब दो महीने से एक लड़की लापता हो गई थी। लेकिन उस समय पुलिस ने लड़की को तलाशने की बजाय परिजनों को यह कहकर टालती रही कि लड़की बालिग है और आ जाएगी। इसी बीच एक लड़की का कंकाल शनिवार को इंडस्ट्रियल एरिया में मिला था। जब पेरेंटस शव को देखने पहुंचे तो कपड़ों व उसकी अंगूठी से बेटी की पहचान की है। मृतका 21 वर्षीय आरती निवासी आरती निकली है। अब सारी कहानी को प्वाइंटों में जानिए – 1. आरती 11 फरवरी को घर से लापता थी, लेकिन शुरू में पुलिस उसे ढूंढने के बजाय पेरेंट्स को यह कहकर टालती रही कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से गई होगी। पेरेंट्स को भी लगा कि पुलिस सही कह रही है, क्योंकि किसी तरह कोई फोन या सूचना नहीं आई। उन्होंने सब जगह उसकी तलाश की। 2. इसी बीच शनिवार को आरती के परिवार ने सोशल मीडिया पर कंकाल मिलने का वीडियो देखा और खुद ही इंडस्ट्रियल एरिया थाने पहुंच गए। पुलिस परिवार को जीएमएसएच-16 की मॉर्चरी ले गई, जहां आरती की अंगूठी और मौके से मिले कपड़ों के आधार पर पहचान की गई।
3. आरती के भाई विनोद और मां ने सेक्टर-26 थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 11 फरवरी को आरती के गायब होने के बाद जब परिवार 12 फरवरी को थाने गया, तो जांच अधिकारी आंचल ने यह कहकर वापस भेज दिया कि लड़की बालिग है, 2-3 दिन में खुद आ जाएगी। गुमशुदगी की रिपोर्ट 17 फरवरी को दर्ज की गई। 4. घरवालों ने पुलिस को सूचना दी थी कि आरती को ट्रांसपोर्ट लाइट पॉइंट के पास एक पिकअप गाड़ी में देखा गया है, लेकिन पुलिस ने न तो कैमरे चेक किए और न ही उसकी फोटो दूसरे थानों में साझा की। ऐसे में इसकी पड़ताल होनी चाहिए। 5. यदि परिवार खुद वीडियो देखकर थाने न पहुंचता, तो पुलिस 72 घंटों के बाद कंकाल को लावारिस मानकर उसका अंतिम संस्कार कर देती। उन्होंने पुलिस की कहानी पर सवाल उठाए हैं।
चंडीगढ़ में मिला कंकाल आरती का निकला:माता-पिता ने अंगूठी और कपड़ों से की पहचान, दो महीने पहले घर से हुई थी लापता
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