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अयोध्या जिले के किसानों के सामने ‘फार्मर रजिस्ट्री’ की अनिवार्यता एक नई समस्या बन गई है। सरकारी आदेश के अनुसार, किसान पहचान पत्र (आईडी) के बिना न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी जाएगी और न ही मई माह से खाद मिल सकेगी। जिले के 11 विकास खंडों में कुल 4 लाख 26 हजार 717 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से अभी तक 1 लाख 47 हजार 724 किसानों की रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। यह समस्या आधार और खतौनी के विवरण में अंतर के कारण उत्पन्न हुई है। शासन के निर्देश पर 15 अप्रैल तक शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में लेखपाल, पंचायत सहायक और जन सुविधा केंद्र संचालकों को लगाया गया है। इसी बीच आए नए शासनादेश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि बिना आईडी के गेहूं की खरीद और सहकारी समितियों से खाद का वितरण नहीं होगा। पंजीकरण में सबसे बड़ी बाधा आधार कार्ड और खतौनी में दर्ज नाम व पिता के नाम की वर्तनी का मिलान न होना है। इस त्रुटि को सुधारने में समय लगता है, जिससे किसानों की आईडी पोर्टल पर अस्वीकृत हो जाती है। उप कृषि निदेशक डॉक्टर पीके कनौजिया ने बताया कि जिन लोगों द्वारा अपनी फॉर्मल रजिस्ट्री नहीं कराई जा रही है। उन्हें सरकार द्वारा जो भी योजनाएं मिल रहे हैं वह बंद होजाएगी।
अयोध्या में 1.47 लाख किसानों की रजिस्ट्री अधूरी:बिना आईडी फसल खरीद व खाद वितरण नहीं, 15 अप्रैल तक अभियान
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