लघु सचिवालय के सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देतीं हुई डीसी प्रीति।
यमुनानगर में जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है, क्योंकि प्रशासन ने जिले के 2838 शिक्षकों को एन्यूमेरेटर (गणनाकर्मी) के रूप में तैनात किया है। जिले में पहले ही शिक्षकों की संख्या सीमित है और कुछ शिक्षक स
.
ऐसे में शिक्षण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि विशेष रोस्टर तैयार किया गया है, जिसके तहत शिक्षक फील्ड में जाकर जनगणना का कार्य करेंगे, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
जिले में 3600 शिक्षक कार्यरत
जिले में सभी वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च, माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक पाठशालाओं को मिलाकर करीब 3600 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से कुछ शिक्षक पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि लगभग 10 शिक्षक अप्रैल और मई माह में रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में शिक्षकों की संख्या में कमी आना तय है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
जिला उपायुक्त प्रीति ने आज लघु सचिवायल के सभागार में जनगणना 2027 को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर तैयारी की है।

लघु सचिवालय के सभागार में जानकारी देतीं हुई डीसी प्रीति।
दो चरणों में होगी जनगणना
डीसी ने बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण “मकान सूचीकरण एवं भवन गणना” 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी।
डीसी ने बताया कि इस बार पहली बार “सेल्फ एन्यूमरेशन (स्व-गणना)” की सुविधा भी शुरू की जा रही है। यह प्रक्रिया 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए गूगल पर “Self Enumeration” सर्च कर पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा और OTP के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा।

जनणगना के पहले चरण में पूछे जाएंगे ये 33 सवाल।
33 सवालों के देने होंगे जवाब
उन्होंने बताया कि पोर्टल पर राज्य, जिला और पिन कोड डालकर अपने घर को मैप पर लोकेट करना होगा। इसके बाद 33 सवालों के जरिए घर की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित जानकारी भरनी होगी। जानकारी सबमिट करने के बाद एक यूनिक आईडी प्राप्त होगी, जिसे गणनाकर्मी को सत्यापन के समय दिखाना होगा।
डीसी ने स्पष्ट किया कि जनगणना के तहत दी गई सभी जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के अंतर्गत पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और इसका किसी अन्य योजना या कार्रवाई में उपयोग नहीं किया जाएगा।