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नमस्कार श्रीगंगानगर में पुलिस कॉन्स्टेबल ने आग बुझाकर जिंदा कबूतर निकाल दिया। वहीं सवाई माधोपुर में एक युवक ने चप्पलवाले मोबाइल से सरकारी नौकरी निकालने का असफल प्रयास किया। बालोतरा में भाजपा संगठन के मुखियाजी ने टूटी सड़क के बदले रेवले लाइन निकालने का आश्वासन दिया और पावटा में विधायक-मंत्री के बेटे-बेटी की शादी में नागौर वाले सांसदजी ने जोरदार मौजूदगी दर्ज कराई। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. कॉन्स्टेबलजी ने दिखाया अनोखा ‘करतब’ आग हिंसा का प्रतीक है और कबूतर शांति का। हिंसा को शांति में बदलने का हुनर पुलिस खूब जानती है। ये अलग बात है कि इसे जादू के रूप में श्रीगंगानगर के एक कॉन्स्टेबल ने साकार कर दिखाया। पुलिस स्थापना दिवस का मंच सजा था। सांस्कृतिक संध्या का आयोजन था। एसपी साहेब गेरुआ कुर्ता डालकर इत्मिनान में थे। परिवार के साथ कार्यक्रम देखने आए थे। पुलिस के अन्य अधिकारी भी पूरा फोकस मंच की ओर लगाए हुए थे। मंच पर अवतरित हुए जवाहरनगर थाना के कॉन्स्टेबल सुरेंद्र कुमार किरोड़ीवाल। उन्होंने आवाज लगाई-लीजिए साहेबान तैयार हो जाइये जादू के लिए। एक..दो..तीन.. जादूगर कॉन्स्टेबल ने कागज जलाया और एक डिब्बे में डाल दिया। फिर किसी जादुई मंत्र से जादुई शक्ति का आह्वान कर डिब्बा खोल दिया। डिब्बे में से फड़फड़ाता सफेद कबूतर निकला। जादूगर ने एसपी साहेब की शान में कबूतर पेश किया। साहब ने ताली बजाई और मुक्त कंठ से तारीफ की। पुलिस के वास्तविक काम को कॉन्स्टेबल साहब ने खूबसूरत कला के जरिए सामने रखा। हर पुलिसवाले से जनता ‘सफेद कबूतर’ निकालने की ही उम्मीद करती है। 2. ‘चप्पल-फोन’ नौकरी निकालने का करतब फेल कॉन्स्टेबल साहब तो कबूतर निकालने में कामयाब रहे। लेकिन सवाई माधोपुर में ऐसी ही बाजीगरी दिखाने की कोशिश में एक युवक धरा गया। युवक कृषि पर्यवेक्षक बनना चाहता था। इसके लिए उसे पढ़ाई करने की दरकार थी। लेकिन उसे जादूगरी में यकीन था। वह चप्पल वाले मोबाइल से सरकारी नौकरी निकालने की फिराक में था। शातिर युवक उन्हीं चप्पलों में सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर एग्जाम सेंटर के अंदर भी पहुंच गया। इसके बाद टॉयलेट जाने के बहाने उठा और पेपर लेकर बाथरूम में घुस गया। चप्पल से फोन निकाला और पेपर की फोटो खींचकर भेजने लगा। टॉयलेट में जरूरत से ज्यादा वक्त हो जाने पर परीक्षक सचेत हुए। तलाशी ली तो चप्पल का भेद खुल गया। बाजीगर की बाजीगरी धरी रह गई। वक्त रहते पकड़ा गया। इसका सिलेक्शन कृषि पर्यवेक्षक के लिए हो जाता तो खेत में ‘चरित’ क्रांति ला देता। 3. सड़क की मांग, रेल का आश्वासन संगठन के मुखियाजी बालोतरा पहुंचे। गदगद थे। रिफाइनरी का फीता काटने उनकी पार्टी के महानायक आने वाले थे। कार्यकर्ताओं का जोश हाई था। वहीं एक कार्यकर्ता ने मुखियाजी को घेर लिया। इधर 80 हजार करोड़ की सौगात मिलने जा रही थी, तो कार्यकर्ता ने सोचा कि दो-ढाई करोड़ की सड़क का काम चुटकियों में हो जाएगा। उसने मुखियाजी के सामने गांव की समस्या सुनाना शुरू किया- साहब, रिफाइनरी से जस्ट 10 किलोमीटर दूर बागुंडी गांव है। बागुंडी गांव से मलवा गांव जाने वाली सड़क खस्ताहाल है। कई साल से बनी नहीं है सर। पहले भी हमने कहा था। सड़क के लिए 2 करोड़ रुपए पास भी हो गए लेकिन काम नहीं हुआ। टेंडर तक नहीं हुआ। वह का वही हाल पड़ा है। मुखियाजी के मुख पर निर्विकार भाव था। ऐसा जान पड़ा उनके पीछे लड्डुओं का पहाड़ पड़ा है और आगे एक याचक गुड़ की डली के लिए रिरिया रहा है। साहब ने लंबी सांस ली। फिर आशीर्वाद देने के स्वर में कहा-अरे यार अब तो रिफाइनरी आ गई। खूब संपन्नता बनेगी, खूब विकास होगा, खूब सड़कें बनेंगी। मैं तो कहता हूं रेलवे लाइन भी बनेगी। हालांकि इसके बाद रिफाइनरी का रिबन कटने का मामला भी टल गया। आग लग गई। सड़कों के रखरखाव की क्या बात? रिफाइनरी के रखरखाव में भी लापरवाही हो गई। 4. चलते-चलते.. मंत्री खर्रा जी की बिटिया और भाजपा विधायक कुलदीप धनखड़ के सुपुत्र वैवाहिक गठबंधन में बंध गए। दोनों परिवारों में खुशी का माहौल। खुशी साझा करने के लिए नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भी पावटा पहुंचे। भाजपा विधायक के यहां मुख्य कार्यक्रम था। एक से एक दिग्गज की एंट्री हो रही थी। बधाई देने वालों का तांता लगा था। अचानक दरवाजे पर शोर उठा। सैकड़ों युवकों की भीड़ एक कार को घेरे आ रही थी। हुजूम उमड़ते हुए गेट की तरफ बढ़ रहा था। कार की छत पर सवार थे हनुमान बेनीवाल। ये जहां भी जाते हैं समर्थक टोली पहले पहुंच जाती है। एंट्री धमाकेदार रही। इसके बाद सांसद महोदय ने भाजपा विधायक के साथ डीजे पर भी खूब जोश दिखाया। इनपुट सहयोग- काका सिंह (श्रीगंगानगर), नरेंद्र भारद्वाज (सवाई माधोपुर), विजय कुमार (बाड़मेर), धर्म सिंह यादव (कोटपूतली)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी
कॉन्स्टेबल ने आग बुझाकर निकाला 'कबूतर':हनुमान बेनीवाल की एंट्री और डांस; 'चप्पल-फोन' वाला 'महारथी'
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