![]()
कानपुर नगर निगम सीमा में स्ट्रीट डॉग्स की पहचान अब माइक्रो चिप के जरिए की जाएगी। इस काम को करने वाला कानपुर प्रदेश का पहला शहर होगा। जल्द ही इस काम को पायलट प्रोजेक्ट के रुप में शुरु किया जाएगा। इस चिप के लगने के बाद डॉग की लोकेशन से लेकर उसकी फिजिकल व मेडिकल जानकारी एक क्लिक सामने होगी। नगर निगम के मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट व सरकार का आदेश है कि स्ट्रीट हाग्स के कंट्रोल के लिए एबीसी प्रोग्राम के तहत नसबंदी की जाएगी। इसके बाद इनको मूल स्थान पर छोड़ा जाए। अभी तक स्ट्रीट डाग्स की पहचान का कोई सुलभ जरिया नहीं था। अब हम एक माइक्रो चिप डाग्स में इंप्लांट करेंगे, जो कि जीपीएस से लैस होगी। इसके लगने के बाद हम डॉग्स की लोकेशन जान सकते हैं। साथ ही डॉग्स के वैक्सीनेशन और नसबंदी समेत सारी जानकारी रहेगी। जिले में 1.50 लाख स्ट्रीट डॉग्स माइक्रो चिप को जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट के रुप में लागू किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के बाद इसको पूरे जिले में लागू किया जाएगा। बताते चलें कि जिले में कुल 1.50 लाख स्ट्रीट डॉग्स हैं, जिसमें 70 हजार से ज्यादा के नसबंदी हो चुकी है। इस चिप के लगने के बाद नगर निगम के एबीसी सेंटर से ट्रीटमेंट किया गया डॉग, कहां हैं यह पता चल सकेगा।
कानपुर में माइक्रो चिप से होगी स्ट्रीट डॉग की पहचान:एक क्लिक पर लोकेशन, वैक्सीनेशन और नसबंदी की जानकारी मिलेगी
Leave a comment