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गुरुग्राम में सोहना में नगर पालिका और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल का मुख्य कारण फरीदाबाद में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले दो फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की शहादत है। सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान प्रेमपाल ने सरकार से मांग की है कि मृतक कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए। पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी सुनिश्चित की जाए। कर्मचारियों को पक्का करने की मांग नहीं पूरी कर रही सरकार प्रेमपाल के अनुसार, सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी मूलभूत मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, जिन्हें सरकार लगातार अनदेखा कर रही है। कर्मचारियों का नियमित करने की मांग लंबे समय से चली रही है। इसके साथ ही उनके वेतन बहुत कम है। जिससे आज के समय जीवन चलाना मुश्किल है। शहर में स्वच्छता संकट और प्रशासन की चुनौती हड़ताल के पहले ही दिन सोहना की गलियों और मुख्य बाजारों में गंदगी का अंबार दिखना शुरू हो गया है। अग्निशमन सेवाओं और सफाई के एक साथ प्रभावित होने से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी जायज मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे काम पर नहीं लौटेंगे। आंदोलन उग्र करने की चेतावनी यूनियन नेताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक और उग्र रूप धारण करेगा। उन्होंने कहा कि शहर में पैदा होने वाले किसी भी संकट के लिए प्रशासन और सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। क्या है कर्मचारियों की मांग कच्चे कर्मचारियों का नियमितीकरण (पक्का करना)। वेतन में सम्मानजनक वृद्धि। काम के दौरान सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता। कार्य परिस्थितियों में सुधार और लंबित भत्तों का भुगतान।
सोहना में नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल:ड्यूटी पर जान गंवाने वाले फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के लिए मुआवजे की मांग
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