झांसी में नौ घंटे नहीं आई बिजली, सड़क जाम की:अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया तो गुस्साए लोग पवार हाउस पहुंच गए, कर्मी ने बंद कर लिए गेट

Actionpunjab
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झांसी में मंगलवार देर रात बिजली संकट को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गल्लामंडी फीडर से जुड़े इलाकों में घंटों से बिजली गुल होने पर सैकड़ों लोग आधी रात को झांसी-कानपुर राज्यमार्ग पर उतर आए और सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। बाद में पुलिस ने लोगों को वहां से हटाया, जिसके बाद आक्रोशित लोग दोबारा गल्लामंडी पावर हाउस पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। पहले दो तस्वीरें देखें… दरअसल, मंगलवार दोपहर करीब 3.30 बजे आए आंधी-तूफान से शहर के कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। कई जगह बिजली के तार आपस में टकरा गए, जबकि गल्लामंडी फीडर के दो खंभे गिरने से पावर हाउस की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। दोपहर से बाधित बिजली व्यवस्था रात 10 बजे तक भी बहाल नहीं हो सकी, जिससे लोगों का सब्र जवाब दे गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले वह शिकायत लेकर गल्लामंडी पावर हाउस पहुंचे, लेकिन वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। इसके बाद नाराज लोग झांसी-कानपुर रोड पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ये क्षेत्र रहे प्रभावित गल्लामंडी फीडर से तालपुरा, शिवाजी नगर, सैंयर गेट, मोहनी बाबा, दड़ियापुरा, खुशीपुरा, बंगलाघाट और गल्लामंडी इलाके जुड़े हुए हैं। बिजली सप्लाई ठप होने से इन सभी इलाकों में अंधेरा पसरा रहा। उपभोक्ताओं का आरोप है कि इतने बड़े क्षेत्र में फॉल्ट सुधारने के लिए केवल चार कर्मचारी तैनात हैं। अधिकारियों के फोन नहीं उठने पर बढ़ा आक्रोश
दिनभर गर्मी और बिजली कटौती से परेशान लोग जब सप्लाई बहाल होने का समय जानने के लिए अधिकारियों को फोन करने लगे तो किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया और बड़ी संख्या में लोग पावर हाउस की तरफ पहुंच गए। सरकार और बिजली विभाग पर फूटा गुस्सा nबिजली उपभोक्ता हितेश ने कहा कि दोपहर 3.30 बजे से बिजली नहीं आ रही है। दिन तो जैसे-तैसे कट गया, लेकिन रात में गर्मी के कारण बच्चों का बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि रोज बिजली कटौती होती है, लेकिन आज हालात ज्यादा खराब हैं। उपभोक्ता राजा ने कहा कि प्रदेश की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है। गल्लामंडी पावर हाउस में केवल चार कर्मचारी हैं, जबकि स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं से ज्यादा बिल वसूला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी फोन तक नहीं उठाते और लोगों की कोई सुनवाई नहीं होती। वहीं उपभोक्ता मून विद्यार्थी ने बताया कि उनके इलाके में दोपहर एक बजे से ही बिजली गुल थी। उन्होंने कहा कि अगले दिन बच्चों की परीक्षा है, लेकिन बिजली विभाग का कोई अधिकारी जवाब देने को तैयार नहीं है। “पावर हाउस में भी नहीं है बिजली”
गल्लामंडी पावर हाउस में रात की ड्यूटी पर तैनात एसएसई मनोज कुमार ने बताया कि आंधी-तूफान के चलते कई खंभे गिर गए हैं और तार आपस में टच होने से कई जगह फॉल्ट आ गया है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पावर हाउस में भी बिजली नहीं है। उनके अनुसार रात करीब 12.30 बजे से 1 बजे तक सप्लाई बहाल होने की उम्मीद है।

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