उदयपुर में बीएन संस्थान में विद्या प्रचारिणी सभा की कार्यकारिणी को लेकर चल रहे विवाद के बीच एडहॉक कमेटी ने कार्यभार संभाल दिया है। हाईकोर्ट के फैसले के दूसरे दिन चैयरपर्सन युवराज सिंह झाला ने बीएन पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। विद्या प्रचारिणी संस्थान के प्रधान संरक्षक एवं अध्यक्ष विश्वराजसिंह मेवाड़ के निर्देश पर एडकॉक कमेटी ने कार्यभार संभाला। एक कमरे के बाहर चैयरपर्सन युवराजसिंह झाला के नाम की नेम प्लेट भी लगाई गई है। इससे पहले जोधपुर हाईकोर्ट में जस्टिस शुभा मेहता की एकलपीठ ने शुक्रवार को कड़ा फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने अपर जिला न्यायाधीश संख्या-3, उदयपुर द्वारा प्रतिवादी संख्या-2 पूर्व राजपरिवार के सदस्य और वीपी सभा अध्यक्ष विश्वराज सिंह के अधिकारों को लेकर की गई टिप्पणियों को पूरी तरह विधि विरूद्ध और अवांछनीय करार देते हुए आदेश से हटा दिया था। दरअसल इस पूरे विवाद की शुरुआत भूपाल नोबल्स यूनिवर्सिटी में विद्या प्रचारिणी सभा की वार्षिक बैठक में चुनाव को लेकर हुई। चुनावों के स्थगित होने के बाद विद्या प्रचारिणी सभा के संरक्षक एवं अध्यक्ष विश्वराजसिंह मेवाड़ ने 11 सदस्य एडहॉक कमेटी बनाई। इसके बाद पूरा मामला कोर्ट भी पहुंचा और सुनवाई हुई। एडहॉक कमेटी के सदस्य नरेंद्र सिंह कच्छाव ने बताया कि सभा के प्रधान संरक्षक और अध्यक्ष द्वारा 12 अप्रैल को एडहॉक कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने संस्था में अपना कार्यालय स्थापित करते हुए संस्था का रोजमर्रा का कार्य शुरू कर दिया है। कच्छाव ने कहा कि पूर्वकार्य समिति का कार्यकाल 12 फरवरी को खत्म हो चुका है। हाईकोर्ट आदेश के बाद ऑडिट और एडहॉक कमेटी पर कोई रोक नहीं होने के बाद यह कार्यभार लिया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सभी जिम्मेदारियों के साथ संस्था की निष्पक्ष ऑडिट कर अध्यक्ष के निर्देश पर चुनाव भी करवाएं जाएंगे। वही दूसरी ओर पूर्व कार्यसमिति के पदाधिकारियों द्वारा कार्यालय पर ताले लगा रखे है, ऐसे में एकहॉक कमेटी ने दूसरे कमरे को अपना कार्यालय को बनाया है।
बीएन यूनिवर्सिटी में एकहॉक कमेटी में संभाला कार्यभार:चैयरपर्सन युवराज सिंह झाला समेत कई सदस्य पहुंचे, कहा – अध्यक्ष के निर्देश पर जल्द ऑडिट के बाद चुनाव करवाएंगे
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