शाहजहांपुर कोर्ट को लखनऊ बेंच से जोड़ने की मांग:अधिकारी न मिलने पर अधिवक्ताओं ने नारेबाजी की, एडीएम ने लिया ज्ञापन

Actionpunjab
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शाहजहांपुर कोर्ट को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ से जोड़ने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। अधिकारी न मिलने पर अधिवक्ताओं ने नारेबाजी की, जिसके बाद अपर जिलाधिकारी (एडीएम) अरविंद कुमार ने ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया। सेंट्रल बार एसोसिएशन के महासचिव राजेश अवस्थी के नेतृत्व में अधिवक्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पूर्व सूचना के बावजूद ज्ञापन लेने के लिए कोई अधिकारी मौजूद नहीं था, जिससे अधिवक्ताओं में नाराजगी फैल गई और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अधिवक्ताओं का गुस्सा देखकर एडीएम अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे। अधिवक्ताओं ने एडीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि शाहजहांपुर से उच्च न्यायालय इलाहाबाद (प्रयागराज) की दूरी लगभग 400 किलोमीटर है। इस लंबी दूरी के कारण वादकारियों और अधिवक्ताओं को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे शासन की मंशा के अनुरूप वादकारियों को सस्ता और सुलभ न्याय नहीं मिल पाता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 1986 में जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट में निकटता के आधार पर शाहजहांपुर को उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ से संबद्ध करने की संस्तुति की गई थी। इस रिपोर्ट के बाद से ही शाहजहांपुर के अधिवक्ता अपनी इस मांग को लेकर वर्ष 1986 से प्रत्येक शनिवार को लगातार हड़ताल करते आ रहे हैं। अधिवक्ताओं ने प्रदेश में लगातार हो रही अधिवक्ताओं की हत्याओं और उन पर हो रहे हमलों को देखते हुए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की भी मांग की। उन्होंने एडीएम से ज्ञापन में दी गई सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया।

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