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झालावाड़ जिले में बुधवार को सभी थोक और खुदरा मेडिकल स्टोर बंद रहे। अखिल भारतीय दवा विक्रेता संघ (एआईसीसी) और राजस्थान केमिस्ट एलाइंस के आह्वान पर यह 24 घंटे का बंद किया गया। इसके चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को दवाओं के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। झालावाड़ जिला केमिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में सुबह 11 बजे शहर में एक रैली निकाली गई। दवा विक्रेताओं ने रैली के माध्यम से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद वे मिनी सचिवालय पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ को एक ज्ञापन सौंपा। ऑनलाइन फार्मेसी पर प्रतिबंध की मांग
जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष यशवंत सिंहल ने बताया कि यह बंद ऑनलाइन फार्मेसी पर प्रतिबंध लगाने, नकली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने और दवा व्यापार से जुड़े नियमों में सुधार की मांग को लेकर किया गया है। उन्होंने कहा कि इन मांगों पर लंबे समय से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से दवा व्यवसायियों में नाराजगी है। प्रदर्शन के दौरान दवा व्यापारियों ने सरकार से दवा विक्रेताओं के हितों की सुरक्षा और अवैध ऑनलाइन दवा कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की। मेडिकल स्टोर बंद रहने के कारण मरीजों को आवश्यक दवाएं नहीं मिल सकीं। कई लोग दवाओं के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान भटकते रहे, जबकि गंभीर मरीजों के परिजनों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा। दवा व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जिले में लगभग 600 मेडिकल स्टोर और थोक विक्रेता दवा व्यापार से जुड़े हैं।
ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध, केमिस्टों ने किया प्रदर्शन:दवा विक्रेताओं ने की हड़ताल, मरीजों को हुई परेशानी
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