बालोतरा से पचपदरा तक प्रस्तावित नई रेल लाइन के निर्माण के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पर यह स्वीकृति दी गई है।
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करीब 11 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित रेल लाइन के सर्वे कार्य के लिए 33 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। रेलवे विभाग अब इस परियोजना की तकनीकी और वित्तीय संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन करेगा।
पचपदरा रिफाइनरी तक रेल पहुंच होगी आसान
नई रेल लाइन बनने के बाद पचपदरा क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इससे पचपदरा रिफाइनरी तक रेल मार्ग से पहुंच आसान हो जाएगी। साथ ही बालोतरा, बाड़मेर और आसपास के इलाकों को रेलवे नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा।
इस रेल परियोजना के जरिए क्षेत्र का संपर्क जोधपुर, अहमदाबाद, दिल्ली और जयपुर जैसे प्रमुख शहरों से भी मजबूत होने की संभावना है। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी गति मिलेगी।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार शाम एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी।
व्यापार, रोजगार और कृषि क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
रेल लाइन निर्माण को स्थानीय विकास के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। नई रेल सुविधा शुरू होने के बाद व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। स्थानीय उद्योगों और कृषि उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी, जिससे लागत कम हो सकती है।
इसके अलावा रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। खासतौर पर रिफाइनरी और उससे जुड़े औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलने से निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
FLS के बाद बनेगी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना की तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होगी।
डीपीआर तैयार होने के बाद इसे रेलवे बोर्ड की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।