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पंजाब के बरनाला में स्थानीय निकाय चुनावों (नगर निगम और नगर परिषद) के नतीजे घोषित होने के बाद राजनीतिक माहौल बेहद गर्मा गया है। मुख्य विपक्षी दल शिरोमणि अकाली दल (बादल) ने सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने, बूथ कैप्चरिंग और प्रशासनिक पक्षपात करने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन चुनाव परिणामों को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के विकास कार्यों पर जनता की सीधी मुहर बताया है। इस चुनावी महासमर के खत्म होने के बाद भी जहां एक तरफ ‘आप’ अपनी जीत का जश्न मना रही है, वहीं अकाली दल द्वारा इस मामले को अदालत में ले जाने के फैसले से आने वाले दिनों में यह कानूनी और राजनीतिक विवाद और अधिक तूल पकड़ने की उम्मीद है। चुनाव में धांधली के खिलाफ सोमवार को हाईकोर्ट जाएगा अकाली दल शिरोमणि अकाली दल ने इस पूरे चुनाव को लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए इसके खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का बड़ा ऐलान किया है। स्थानीय गुरुद्वारा बाबा गांधा सिंह जी में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अकाली दल के हलका इंचार्ज कुलवंत सिंह कांता, जिला प्रधान यादवेंद्र सिंह बिट्टू दीवाना, स्टेट वाइस प्रधान संजीव शौरी, एडवोकेट रुपिंदर सिंह संधू और वरिष्ठ नेता सोनी जागल ने चुनाव प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े किए।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और नामांकन रोकने के गंभीर आरोप अकाली नेताओं का आरोप है कि चुनाव के दौरान जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने पूरी तरह से सत्ताधारी दल के ‘कठपुतली’ के रूप में काम किया। मतदान से कुछ दिन पहले तक अंतिम वोटर सूची (Final Voter List) सार्वजनिक नहीं की गई और जानबूझकर अकाली दल के समर्थकों के नाम दूसरे वार्डों में शिफ्ट कर दिए गए। हद तो तब हो गई जब हमारे दो उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से भी रोका गया।” नेताओं ने दावा किया कि वोटिंग वाले दिन कई बूथों पर सरेआम धांधली हुई और मतगणना (Counting) के समय उनके काउंटिंग एजेंटों द्वारा उठाई गई आपत्तियों को रिकॉर्ड में दर्ज तक नहीं किया गया। अकाली दल के मुताबिक, उनके पास इन सभी गड़बड़ियों के पुख्ता वीडियो और दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं, जिन्हें सोमवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रस्तुत किया जाएगा और दोषी अधिकारियों को अदालत के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। ‘आप’ को मिला 46.73% वोट, यह काम की राजनीति की जीत: मीत हेयर इसके विपरीत, संगरूर लोकसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने बरनाला में एक समानांतर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अकाली दल के आरोपों पर तीखा पलटवार किया। सांसद मीत हेयर ने कहा कि बरनाला नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी को अकेले 46.73 प्रतिशत बंपर वोट शेयर मिला है, जो अकाली-कांग्रेस के सफाए और ‘आप’ की नीतियों के प्रति जनता के अटूट विश्वास का सबसे बड़ा प्रमाण है। धनौला में ‘आप’ का एकतरफा कब्जा; विरोधी दलों में था अंदरूनी गठजोड़ सांसद मीत हेयर ने धनौला नगर परिषद का विशेष उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की जनता ने विपक्षी दलों को नकारते हुए कुल 13 सीटों में से 8 सीटों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को एकतरफा जीत दिलाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को हराने के लिए कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा ने पर्दे के पीछे से एक-दूसरे के उम्मीदवारों का अप्रत्यक्ष समर्थन (Inside सेटिंग) किया था, लेकिन सूबे की समझदार जनता ने उनके इस नापाक गठबंधन को फेल कर दिया। 2027 के विधानसभा चुनावों का ट्रेलर हैं ये नतीजे सांसद मीत हेयर ने बरनाला के मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि पूरे पंजाब के निकाय चुनाव के नतीजे यह साफ संकेत दे रहे हैं कि जनता सिर्फ विकास, बेहतर शिक्षा, वर्ल्ड क्लास स्वास्थ्य सेवाओं और जन कल्याण की राजनीति चाहती है। उन्होंने दावा किया कि निकाय चुनाव के यह शानदार नतीजे एक ट्रेलर हैं और 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों में भी आम आदमी पार्टी भारी बहुमत के साथ दोबारा सरकार बनाएगी।
बरनाला में निकाय चुनाव परिणामों पर सियासी संग्राम तेज:धांधली का आरोप लगा हाईकोर्ट जाएगा अकाली दल, AAP ने कहा- जनता ने विकास चुना
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