Corporation’s appeasement under the name of fire NOC inspection in Pali, June 7, 2026

Actionpunjab
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पाली शहर में स्थित होटल्स। जिनमें फायर एनओसी है या नहीं इसकी जांच निगम की टीम को करनी है।

दिल्ली में होटल में आगजनी के हादसे के बाद स्वायत्त शासन विभाग के आदेश के बाद पाली नगर निगम की टीम भी जगी है। 6 जून से 20 जून तक अभियान चलाकर होटल्स, बहुमंजिला इमारत, मैरीज हॉल, गेस्ट हाऊस, मल्टीप्लेक्स जांच में जुटे है। लेकिन सवाल खड़ा होता है कि सिर्

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पाली शहर में स्थित बहुमंजिला इमारत।

पाली शहर में स्थित बहुमंजिला इमारत।

स्वायत्त शासन विभाग ने यह आदेश किया जारी 5 जून को स्वायत्त शासन विभाग के उप निदेशक (प्रशासन) डॉ गरिमा शर्मा ने एक आदेश जारी किया। जिसमें प्रदेश भर के निकायों में 6 जून से 20 जून तक अभियान चलाने के बारे में लिखा। अभियान के तहत निगम की टीम को होटल्स, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाऊस, मैरीज गार्डन, मल्टीप्लेक्स, कोचिंग सेंटर, पेइंग गेस्ट तथा जोखिम वाले व्यवसायिक प्रतिष्ठानों सर्वे करना है। जिसमें देखना है कि उनके पास फायर की एनओसी है या नहीं।

गत दिनों शहर के होटल्स में जांच की गई। जिनमें कई कमिया मिली। शहर में 133 के करीब होटल्स है। जिनमें 148 होटलों में फायर की एनओसी नहीं है।

गत दिनों शहर के होटल्स में जांच की गई। जिनमें कई कमिया मिली। शहर में 133 के करीब होटल्स है। जिनमें 148 होटलों में फायर की एनओसी नहीं है।

अभियान के दौरान करनी है यह जांच – फायर एनओसी है या नहीं, अगर है तो उसकी वैधता समाप्त होने की स्थिति में वापस फायर एनओसी को नवीनीकरण करवाना। – भवनों में कम से कम दो निकासी की रास्ते होने चाहिए। साथ ही आपातकालीन निकासी मार्ग है या नहीं। अगर है तो पुरी तरह खुल रहे है या नहीं। उन पर EXIT चमकीले शबदों में लिखा है या नहीं। – होटल्स के रूट टॉप पर चल रहे रेस्टोरेंट के कीचन में बिना इजाजत के गैस सिलेंडरों का उपयोग हो रहा है तो उनके विरूद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करना। – अधिकतर आग लगने की घटनाओं में मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट होता है। इसलिए बिजली के पैनल रूम साफ हो, तारों की वायरिंग कटी-फटी न हो, क्षमता से अधिक लाइट का लोड न हो इसकी भी जांच करनी है।

पाली शहर में यह है हाल पाली शहर में बहुत सी बहुमंजिला इमारते, होटलस, रेस्टारेंट है। जिनमें से अधिकतर के पास फायर की एनओसी नहीं है। और कई बहुमंजिला इमारतों में फायर सिस्टम लगा है लेकिन देखरेख के अभाव में अधिकतर जगह नाकार पड़ा है। ऐसे में हादसा होने पर परेशानी होती है। हकीकत यह है कि फायर की एनओसी नहीं लेने वालों के खिलाफ निगम की टीम ने भी पिछले कई सालों में किसी तरह की प्रभावी कार्रवाई नहीं की। और न ही जांच की कि होटल्स, बहुमंजिला इमारतों के पास फायर की एनओसी है या नहीं। अगर फायर सेफ्टी सिस्टम लगे है तो ढंग से काम कर रहे है या नहीं।

मामलें में करेंगे सख्त कार्रवाई मामले में नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज ने कहा क अभियान के दौरान टीम सभी मानकों पर जांच करेगी। जहां भी नियमों की अवहेलना होगी उनके विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

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