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गर्मियों की लंबी छुट्टियों के बाद बुधवार को दिल्ली के सरकारी स्कूलों में एक बार फिर चहल-पहल लौट आई। नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन स्कूल परिसर बच्चों की हंसी, उत्साह और नई उम्मीदों से गुलजार नजर आए। राजधानी के जीबी पंत एसबीवी श्रीनिवासपुरी, एएसएमएस एसकेवी महिपालपुर समेत विभिन्न सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों ने सुबह से ही मुख्य द्वार पर खड़े होकर विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। बच्चों के स्कूल पहुंचते ही तालियां बजाकर उनका अभिनंदन किया गया, जिससे उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। पहले दिन का माहौल किसी औपचारिक शुरुआत से अधिक एक उत्सव जैसा दिखाई दिया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर छुट्टियों के अनुभव साझा किए और उन्हें पूरे उत्साह के साथ पढ़ाई की नई शुरुआत के लिए प्रेरित किया। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इस तरह का स्वागत बच्चों में अपनापन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करता है, जिससे वे नए सत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होते हैं। सपनों को नई उड़ान देने की तैयारी स्कूल खुलने के साथ ही शिक्षा निदेशालय और शिक्षकों ने विद्यार्थियों से पूरे समर्पण, अनुशासन और सीखने की ललक के साथ नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत करने का आह्वान किया। सोशल मीडिया पर भी सरकारी स्कूलों के स्वागत कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो साझा किए गए। शिक्षकों और अभिभावकों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सफल शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं दीं। स्कूलों में पहले दिन बच्चों की अच्छी उपस्थिति भी देखने को मिली, जिससे पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा। छुट्टियों के बाद हर बच्चा आत्मीय स्वागत का हकदार स्कूल प्रिंसिपलों ने कहा, गर्मियों की छुट्टियों के बाद हर बच्चा आत्मीय स्वागत का हकदार है। मुख्य द्वार पर तालियां बजाकर स्वागत करना केवल परंपरा नहीं, बल्कि यह संदेश है कि हम हर विद्यार्थी के साथ सीखने, आगे बढ़ने और उसके सपनों को साकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और सीखने का उत्साह ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
तालियों और मुस्कान के साथ खुले दिल्ली के स्कूल:समर वैकेशन के बाद बच्चों का स्वागत, प्रिंसिपल बोले-सीखने और बढ़ने का नया सफर शुरू
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