पंजाब सरकार का बुलडोजर एक्शन मामला पहुंचा पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट।
पंजाब सरकार द्वारा नशा तस्करों पर किए जा रहे बुलडोजर एक्शन का मामला अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंच गया है। इस मामले में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में दलील दी गई है कि नशा तस्करों की संपत्ति जब्त करना उचित है, लेकिन उसे गिराना किसी
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सरकार समेत तीन विभागों को बनाया पार्टी
याचिका कर्ता का तर्क है कि नशा तस्करी की आमदन से बनाई संपत्तियों को सील किया जा सकता है, लेकिन उन्हें गिराया नहीं जा सकता। इस मामले में पंजाब सरकार, लुधियाना प्रशासन और परिवहन विभाग को पार्टी बनाया गया है। अब पंजाब सरकार इस मामले में अपना जवाब दाखिल करेगी। हालांकि, सरकार पहले ही नशा तस्करों और उन्हें शरण देने वालों को आगाह कर चुकी थी। मंत्री अमन अरोड़ा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नशा तस्कर या तो पंजाब छोड़ दें या नशा बेचना बंद करें। तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

सीएम भगवंत मान पुलिस व प्रशसानिक अधिकारियों से मीटिंग करते हुए
पंजाब सरकार तस्करों को दे चुकी वार्निंग
अब तक पंजाब सरकार ने चार नशा तस्करों पर कार्रवाई की है, जिनमें से तीन महिलाएं थीं, जो कई वर्षों से इस अवैध कारोबार में शामिल थीं। यह कार्रवाई पटियाला, रूपनगर और लुधियाना में की गई है। सरकार ने नशा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में पांच मंत्रियों की एक हाई-पावर कमेटी बनाई है, जो कैबिनेट की एक सब-कमेटी है।
इस कमेटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सभी शीर्ष अधिकारियों, जिलों के डीसी और एसएसपी के साथ बैठक कर योजना तैयार की है। सरकार ने तीन महीने में पूरे पंजाब को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया है कि नशा तस्करों के परिवारों को पंजाब सरकार की किसी भी योजना के तहत सब्सिडी नहीं दी जाएगी।
4 घंटे ऑपरेशन के बाद 232 FIR
पंजाब सरकार की तरफ से नशा तस्करों के खिलाफ चार घंटे का स्पेशल ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान 290 नशा तस्करों को किया गिरफ्तार किया है, जबकि 232 FIR दर्ज की गई है। इस दौरान 8.14 किलो हेरोइन, 1.21 किलो अफीम, 8.02 लाख रुपए की ड्रग मनी बरामद हुई है। ऑपरेशन में 233 गजटेड रैंक अफसरों के नेतृत्व में 900 पुलिस टीमों ने 369 ड्रग हॉटस्पॉट की जांच की। स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला समेत सारे अधिकारी फील्ड में थे।