बरेली3 मिनट पहले
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संगठन का कहना है कि महा बौद्ध टेंपल एक्ट 1949 एक षड्यंत्रकारी कानून है। उन्होंने इस कानून को रद्द कर नया एक्ट बनाने की मांग की।
बरेली के आंवला में बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क ने बोधगया मुक्ति आंदोलन के तहत महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। नेटवर्क के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम पेशगार अनिल मौर्य को सौंपा।
संगठन का कहना है कि महा बौद्ध टेंपल एक्ट 1949 एक षड्यंत्रकारी कानून है। उन्होंने इस कानून को रद्द कर नया एक्ट बनाने की मांग की है। साथ ही मांग की है कि इसके सभी सदस्य बौद्ध धर्म के अनुयायी होने चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया है कि बोधगया एक विश्व धरोहर स्थल है, इसलिए इसे बौद्ध समुदाय को सौंपा जाना चाहिए। संगठन ने चुनाव ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से कराने की भी मांग की है।
इस अवसर पर मक्खनलाल कश्यप, नरेश कुमार, कुनाल कश्यप, डॉक्टर प्रमोद कुमार, भानु प्रताप सिंह, रूप सिंह कश्यप, संतोषी बौद्ध, गौरी शंकर मौर्य, प्रीति बौद्ध, अर्जुन मौर्य, संगीता और रेशमा बौद्ध सहित कई लोग उपस्थित थे।