US Yemen Detention Centre Attack Photos Update | Houthi War | यमन में अमेरिकी हमले में 68 की मौत, 47 घायल: अफ्रीकी प्रवासियों को रखने वाले डिटेंशन सेंटर पर एयर स्ट्राइक की

Actionpunjab
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सना2 घंटे पहले

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सादा में डिटेंशन सेंटर पर बमबारी के बाद मलबे में से लोगों को निकालते लोग। - Dainik Bhaskar

सादा में डिटेंशन सेंटर पर बमबारी के बाद मलबे में से लोगों को निकालते लोग।

यमन के उत्तरी प्रांत सादा में सोमवार को अमेरिकी हमले में 68 लोगों की मौत हो गई है। ये हमला अफ्रीकी प्रवासियों को रखने वाले एक डिटेंशन सेंटर पर किया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस जेल में 115 कैदी थे, जिनमें से 47 घायल भी हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। इनमें से ज्यादातर की हालत गंभीर बताई जा रही है।

यमन की अल मसीरा टीवी ने इस हमले की जो फुटेज जारी की है, उसमें सादा में डिटेंशन सेंटर पर बमबारी के बाद मलबे में पड़े कई शव दिखाई दे रहे हैं।

सादा के जनरल रिपब्लिकन अस्पताल ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा कि दर्जनों लोगों की मौत हुई है और कम से कम 50 घायल लोग अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।

हमले के बाद की तस्वीरें…

डिटेंशन सेंटर में लगी आग बुझाते रेस्क्यू वर्कर्स।

डिटेंशन सेंटर में लगी आग बुझाते रेस्क्यू वर्कर्स।

डिटेंशन सेंटर के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है।

डिटेंशन सेंटर के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है।

रेस्क्यू वर्कर्स ने मलबे से कई शवों को बाहर निकाला।

रेस्क्यू वर्कर्स ने मलबे से कई शवों को बाहर निकाला।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले को लेकर प्रतिक्रिया नहीं दी

फिलहाल इस हमले को लेकर अमेरिकी सेना की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हमले की खबर सामने आने से पहले एक बयान जारी कर कहा था कि वे अपने एयरस्ट्राइक मिशन के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं करेंगे।

सेंटकॉम ने कहा, ‘ऑपरेशनल सुरक्षा बनाए रखने के लिए हमने जानबूझकर अपने मौजूदा या भविष्य के अभियानों की डिटेल्स के बारे में कम से कम जानकारी शेयर की है। हम अपने अभियान को लेकर बेहद सतर्क हैं, लेकिन हम यह नहीं बताएंगे कि हमने क्या किया है या क्या करने वाले हैं।’

CENTCOM ने कहा- तब तक हमला करते रहेंगे जब तक हमारा लक्ष्य पूरा नहीं होता

सेंटकॉम ने X पर बयान पोस्ट कर बताया- 15 मार्च से, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (USCENTCOM) ने यमन में हूती आतंकवादी संगठन के खिलाफ एक तेज और लगातार अभियान चलाया है ताकि समुद्री रास्तों की आजाद कराया जा सके। यह अभियान सटीक और डिटेल खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया है ताकि हूती ठिकानों को निशाना बनाया जाए और आम नागरिकों को कम से कम नुकसान पहुंचे।

जब तक हूती विद्रोही समुद्री मार्गों में बाधा डालते रहेंगे, हम उन पर दबाव बढ़ाते रहेंगे और उनकी ताकत को कमजोर करते रहेंगे। ऑपरेशन ‘रफ राइडर’ की शुरुआत से अब तक अमेरिकी सेनाओं ने 800 से ज्यादा हूती ठिकानों पर हमले किए हैं। इनमें सैकड़ों हूती लड़ाके और कई बड़े हूती नेता मारे गए हैं, जिनमें मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम्स के सीनियर लीडर्स भी शामिल हैं।

हमलों में कई कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, एडवांस्ड हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां और हथियारों के गोदाम नष्ट कर दिए गए हैं। इन गोदामों में जहाजों पर हमला करने वाली बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें, ड्रोन और बिना चालक के पानी के जहाज रखे गए थे, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लाइन पर हमले में इस्तेमाल किया जा रहा था।

हालांकि हूती अभी भी हमलों की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमारे ऑपरेशनों के चलते उनके हमलों की संख्या और प्रभावशीलता में गिरावट आई है। यह भी साफ है कि ईरान लगातार हूती विद्रोहियों का समर्थन कर रहा है। हम तब तक दबाव बनाए रखेंगे जब तक हमारा लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता।

हूती विद्रोहियों ने 2023 से अब तक अमेरिकी वॉरशिप पर 174 बार और कॉमर्शियल शिप पर 145 बार हमला किया है।

हूती विद्रोहियों ने 2023 से अब तक अमेरिकी वॉरशिप पर 174 बार और कॉमर्शियल शिप पर 145 बार हमला किया है।

हूती विद्रोहियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रहा अमेरिका

डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार 15 मार्च को अमेरिकी सेना ने यमन में हूती विद्रोहियों पर एयरस्ट्राइक की थी। हमले में 31 लोगों की मौत हुई। इनमें हूती विद्रोहियों के साथ महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। जबकि, 101 लोग घायल हुए।

इस स्ट्राइक के बारे में ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा- हूती आतंकियों, तुम्हारा वक्त पूरा हो गया है। अमेरिका तुम पर आसमान से ऐसी तबाही बरसाएगा, जो पहले कभी नहीं देखी होगी।

इसके बाद से ही अमेरिका लगातार यमन में हूती विद्रोहियों पर हमले कर रहा है। 10 दिन पहले की गई एयर स्ट्राइक में 74 लोगों की मौत हुई, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए।

ये एयर स्ट्राइक एक तेल के पोर्ट रास ईसा पर हुई। US सेंट्रल कमांड ने इस स्ट्राइक की पुष्टि की थी, हालांकि उसने मरने वालों का सही आंकड़ा नहीं बताया।

कौन हैं हूती विद्रोही

  • साल 2014 में यमन में गृह युद्ध शुरू हुआ। इसकी जड़ शिया-सुन्नी विवाद है। कार्नेजी मिडिल ईस्ट सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों समुदायों में हमेशा से विवाद था जो 2011 में अरब क्रांति की शुरुआत से गृह युद्ध में बदल गया। 2014 में शिया विद्रोहियों ने सुन्नी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
  • इस सरकार का नेतृत्व राष्ट्रपति अब्दरब्बू मंसूर हादी कर रहे थे। हादी ने अरब क्रांति के बाद लंबे समय से सत्ता पर काबिज पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह से फरवरी 2012 में सत्ता छीनी थी। हादी देश में बदलाव के बीच स्थिरता लाने के लिए जूझ रहे थे। उसी समय सेना दो फाड़ हो गई और अलगाववादी हूती दक्षिण में लामबंद हो गए।
  • अरब देशों में दबदबा बनाने की होड़ में ईरान और सऊदी अरब भी इस गृह युद्ध में कूद पड़े। एक तरफ हूती विद्रोहियों को शिया बहुल देश ईरान का समर्थन मिला। तो सरकार को सुन्नी बहुल देश सऊदी अरब का।
  • देखते ही देखते हूती के नाम से मशहूर विद्रोहियों ने देश के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। 2015 में हालात ये हो गए थे कि विद्रोहियों ने पूरी सरकार को निर्वासन में जाने पर मजबूर कर दिया था।
  • ईरान से मिल रहे समर्थन की बदौलत हूती विद्रोही एक ट्रेंड लड़ाका दल में बदल चुके हैं। हूती विद्रोहियों के पास आधुनिक हथियार और यहां तक कि अपने हेलिकॉप्टर भी हैं।

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अमेरिका ने यमन में हूती विद्रोहियों पर हमला किया:5 हथियार डिपो तबाह किए, पहली बार B-2 बॉम्बर विमान का इस्तेमाल किया

अक्टूबर में अमेरिकी एयर फोर्स ने यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर बमबारी की थी। अलजजीरा ने अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के हवाले से बताया कि B-2 स्टील्थ बॉम्बर से यमन की राजधानी सना के नजदीक 5 ठिकानों पर पर सटीक हमला हुआ। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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