करनाल के कर्ण लेक के पास पश्चिमी यमुना नहर में दो दिन पहले छलांग लगाने वाले युवक प्रदीप का शव मंगलवार देर शाम नहर की झाल में फंसा हुआ मिला। शव को सबसे पहले राहगीरों ने देखा, जिसके बाद मौके पर डायल-112 व रामनगर थाना पुलिस पहुंची। पुलिस ने तुरंत गोताखो
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छलांग लगाने से पहले बीयर पी और भाई को कॉल किया शव की पहचान सलारू गांव के प्रदीप पुत्र कर्म सिंह (उम्र 27 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना 20 जुलाई की है, जब प्रदीप ने कर्ण लेक के पास नहर के किनारे दो बोतल बीयर पी और नहर में छलांग लगा दी। छलांग लगाने से पहले उसने अपने चचेरे भाई को फोन कर जानकारी दी थी। जब परिजन वहां पहुंचे तो उन्हें केवल बाइक, चप्पलें और बीयर की खाली बोतलें मिलीं। अंधेरा होने के चलते उस समय सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं हो सका था।

नहर में बहता मृतक प्रदीप का शव।
शादी से इनकार के बाद घर से निकला था प्रदीप प्रदीप के पिता कर्म सिंह ने बताया कि रविवार को प्रदीप को एक लड़की देखने के लिए जाना था। एक दिन पहले यानी शनिवार को ही उसे लड़की की फोटो भी दिखाई गई थी, लेकिन प्रदीप ने शादी से इनकार कर दिया और कहा कि वह शादी नहीं करेगा। इसके बाद वह बाइक लेकर घर से निकला और सीधे कर्ण लेक पहुंचा, जहां बीयर पी और नहर में छलांग लगा दी। उसने अपने कूदने की सूचना भी अपने चचेरे भाई को फोन पर दी थी।

मौके पर मौजूद लोग।
दो दिन तक चलती रही तलाश, तीसरे दिन मिला शव गोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि 21 और 22 जुलाई को भी परिजन व गोताखोर लगातार नहर के आसपास और अंदर खोजबीन करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार शाम को एक राहगीर को नहर की झाल में शव फंसा हुआ दिखाई दिया, जिसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद डायल-112 और रामनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से शव बाहर निकाला गया।

रस्सी के जरिए शव को बाहर निकालते गोताखोर।
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर शुरू की जांच रामनगर थाना पुलिस ने बताया कि युवक का शव नहर से निकालकर मोर्चरी हाउस में रखवा दिया गया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस का कहना है कि मौत की वजह प्रथम दृष्टया नहर में डूबना ही है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। फिलहाल मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।