Demand to start road construction from Gitko Hotel to Ramdevji Temple | गिटकों-होटल से रामदेवजी मंदिर तक सड़क-निर्माण शुरू कराने की मांग: कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन,ग्रामीण बोले की सोमवार से बेटेगे धरने पर – Jalore News

Actionpunjab
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कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए ग्रामीण

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जालोर के होटल गिटकों से रामदेवजी मंदिर तक जाने वाली सड़क को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर शहर वासियों व ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर रास्ते का निर्माण कार्य फिर शुरू कर रास्ता पुरा करने की मांग की। वही सोमवार तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर सोमवार से अनिचित कालीन धरने पर बैठेंगे।

ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर बताया कि ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी दिए ज्ञापन में जांच करने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक जांच कर रिपोर्ट नहीं दी गई हैं। जिसकी रिपोर्ट सार्वजनिक कर हम सभी को अवगत कराने। गिटकों होटल से रोड ए व रोड बी सीधी सिवरेज प्लांट पर खेतों की ओर जा रही थी परन्तु प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस रोड को दो भागों में बांट दिया गया। ए रोड़ को काट कर कब्रिस्तान के नाम उतार दिया गया पर यह रास्ता पूर्व में विधायक कोटे व सरकार के व्यय से उक्त रास्ते पर पूर्व में कई वर्षों से डामरीकरण का कार्य किया जा चुका हैं और उक्त रास्ते पर लोगों का आना जाना रहता हैं। सरकारी महकमे व राजनीतिक दबाव के कारण उक्त रास्ते को दो भागो में बांटा गया तथा जिसकी पूर्णतया जांच होनी चाहिये तथा मौके पर नक्शे में यह रास्ता दर्ज हैं।

कलेक्टर को ज्ञापन देने जाते हुए ग्रामीण

कलेक्टर को ज्ञापन देने जाते हुए ग्रामीण

उन्होंने बताया कि रास्ता सी सदियों से सीधा चला जा रहा हैं, जो गांवो की ओर धरडा पावटी, सरदारगढ़ खेड़ा व रामदेवजी मंदीर, खेतलाजी मंदीर व सतीमाता मंदीर की ओर सदियों से पूरा शहर उक्त रास्ते पर आवागमन कर रहा हैं। यह रास्ता आगे से रेकर्ड में दर्ज नहीं होना किसकी गलती के कारण दर्ज नहीं हो पाया, सरकार या आम जनता की गलती हैं। यह है कि गिटको होटल से रामदेवजी मन्दिर का रास्ता आजादी से पहले चल रहा हैं जिस पर किसान जालोर शहर से अपने खेतों तक आते जाते रहते हैं। यह है कि जब यह क्षेत्र लेटा पंचायत में आता था तब भी पंचायत की ओर से कई बार ग्रेवल रोड का निर्माण किया गया था। यह है कि नगर पालिका/परिषद जालोर द्वारा भी प्रतिवर्ष वर्षा जल से रास्ता बाधित होने की स्थिति में झीकरा डालकर किसानों के आवागमन को सुगम बनाने का कार्य किया जाता रहा हैं।

यह है कि नगर परिषद के वर्तमान बोर्ड द्वारा इस सडक के डामरीकरण का प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजा गया सिज पर सरकार ने 80 लाख रूपये की स्वीकृति जारी की। उस स्वीकृति के आधार पर नगर परिषद ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को कार्य सौंपा और सार्वजनिक निर्माण विभाग ने टेण्डर प्रक्रिया पूरी करके कार्य शुरू करवाया। लेकिन मुस्लिम समाज ने कबिस्तान की जमीन होने का हवाला देते हुए रास्ता रूकवा दिया। जिसका निर्माण कार्य फिर शुरू कर पुरा कराने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया। सोमवार तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। धरना देकर आंन्दोलन की चेतावनी दी हैं।

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