सनी गुप्ता, संभल2 मिनट पहले
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल हिंसा मामले में आठ आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति समीर जैन ने सोमवार को यह आदेश दिया। इस मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और जामा मस्जिद सदर जफर अली सहित 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता सैयद इकबाल अहमद के अनुसार, हाजी लड्डन खान, रिजवान, मोहम्मद दानिश, रफीक अली, मोहम्मद आसिम, जमशेद आलम, राशिद खान और अब्दुल रहमान को अग्रिम जमानत मिली है। साथ ही कोर्ट ने सांसद बर्क की याचिका पर निचली अदालत की कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।

18 जून को एमपी-एमएलए कोर्ट में 1128 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई। चंदौसी स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने कई आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं। जफर अली को कोतवाली संभल में दर्ज मुकदमा संख्या 335/24 में जेल भेजा गया था। 23 मार्च को एसआईटी ने उनसे 4 घंटे पूछताछ की और गिरफ्तार कर लिया।

24 जुलाई को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद, 31 अगस्त को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दो अतिरिक्त धाराओं में भी जमानत दी। जफर अली को 131 दिन बाद 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया।

आपको बता दें कि बीती 19 नवंबर को हिंदू पक्ष की ओर से सिविल सीनियर डिवीजन चंदौसी कोर्ट में दावा किया गया कि संभल की शाही जामा मस्जिद श्री हरिहर मंदिर है। 19 नवंबर की शाम को मस्जिद का पहले चरण का सर्वे हुआ और दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर को हुआ। मस्जिद में चल रहे सर्वे के दौरान हजारों की संख्या में इकट्ठा हुए लोगों ने पुलिस पर पथराव-फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें चार मौतें हो गई, वहीं उग्र भीड़ ने गाड़ियों को फूंक दिया। तीन हत्यारोपी, तीन महिलाओं एवं इंतजामिया मस्जिद सदर जफर अली एडवोकेट सहित कुल 96 अभियुक्तों को जेल भेजा है।

सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल सहित 40 लोगों के खिलाफ नामजद कई एफआईआर दर्ज की गई, जबकि 2750 अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज़ हुई, 18 जून को SIT ने लगभग 1128 पन्नों में सांसद बर्क सहित 23 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, हालांकि सपा विधायक पुत्र सुहैल इकबाल का नाम चार्जशीट में नहीं है।