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सीबीआई, एसीबी चंडीगढ़ ने नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर (एनबीआरसी), मानेसर (हरियाणा) के असिस्टेंट इंजीनियर संजय कुमार चौधरी के खिलाफ disproportionate assets (डीए) यानी आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। सीबीआई की जांच में पता चला कि चौधरी ने साल 2019
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सीबीआई की रिपोर्ट में बताया गया है कि जांच के दौरान संजय कुमार चौधरी ने अपनी आमदनी के मुकाबले करीब 38 लाख रुपये ज्यादा की संपत्ति बना ली, जो उनकी कुल आय से लगभग दोगुनी है। यह भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(b) के तहत दंडनीय अपराध है।
सीबीआई जांच में खुलासा
सीबीआई ने जब इस मामले में बैंक खातों और संपत्तियों की जांच की तो बड़ा खुलासा हुआ।
– शुरुआत (जनवरी 2019): उनके पास सिर्फ ₹2.34 लाख की बैंक बैलेंस थी।
– अंत (दिसंबर 2020): यह बढ़कर ₹62.60 लाख हो गई।
जांच में सामने आया कि उन्होंने दिल्ली के छतरपुर में एक मकान (2019 में खरीदा) जिसकी कीमत ₹50 लाख थी, मारुति ब्रेज़ा कार (2020 में खरीदी) जिसकी कीमत ₹8.47 लाख थी, और बैंक खातों में ₹4.13 लाख बैलेंस दिखाया।
सीबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक —
– कुल आय (दो साल): ₹38.85 लाख (सैलरी, एचयूएफ इनकम, ब्याज आदि से)
– कुल खर्च: ₹16.52 लाख (घर खर्च, पीपीएफ निवेश, कार लोन आदि में)
– संपत्ति में बढ़ोतरी: ₹60.25 लाख
– असली बचत होनी चाहिए थी: ₹22.33 लाख
लेकिन असल में उनसे ₹37.92 लाख ज्यादा संपत्ति मिली, जो उनकी आय से लगभग 98% अधिक है।