3 घंटे पहले
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इजराइल में कैदियों की रिहाई के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
हमास ने गाजा में सीजफायर और इजराइली बंधकों की रिहाई के समझौते पर सहमति जताई है। अमेरिका, मिस्र और कतर की मध्यस्थता के बाद यह प्रस्ताव अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने जून में पेश किया था।
इसके तहत शुरुआती 60 दिनों के सीजफायर के दौरान, हमास जिंदा बचे इजराइली कैदियों को दो चरणों में रिहा करेगा। साथ ही स्थायी युद्धविराम पर बातचीत होगी।
हालांकि, इसपर अब तक इजराइल की प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे पहले 12 अगस्त को नेतन्याहू ने कहा था कि वह किसी समझौते को तभी स्वीकार करेगा जब सभी बंधकों को एक बार में रिहा कर दिया जाएगा।
वहीं, रविवार को हजारों इजराइली लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर नेतन्याहू से हमास के साथ समझौता कर गाजा जंग खत्म करने और कैदियों को रिहा कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं और आगजनी की, जिसके कारण 38 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
इजराइल में विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें देखें…

बंधकों के परिवारों ने सभी बंधकों की वापसी और गाजा में जंग को खत्म करने की मांग के लिए तेल अवीव में प्रदर्शन किया।

शाम 4 बजे तेल अवीव और यरुशल में लोगों ने आगजनी की।

प्रदर्शनकारियों ने हमास में बंद कैदियों की रिहाई और जंग खत्म करने की मांग की।

कई प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने 38 लोगों को हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शन के कारण सड़कों पर लंबा जाम लग गया।
इजराइल ने गाजा पर कब्जे को मंजूरी दी थी
वहीं, इजराइल की कैबिनेट ने 8 अगस्त को गाजा सिटी पर कब्जे की योजना को मंजूरी दी थी। साथ ही नेतन्याहू ने गाजा के सभी हिस्सों पर कब्जा करने और इसे हथियारों से मुक्त करने की घोषणा की ।
दूसरी ओर, हमास ने सभी बंधकों के बदले इजराइली जेलों में बंद फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई, युद्ध समाप्ति और इजराइली सेना की पूरी वापसी की मांग की है।
इजराइल की मांग- हमास हथियार डाले
इससे पहले हमास ने कतर और मिस्र की बात मानने से मना कर दिया था। हमास और इजराइल के बीच इजरायली सैनिकों की वापसी, गाजा में सहायता वितरण और स्थायी युद्धविराम जैसे मुद्दों पर गहरे मतभेद बने हुए थे।
रॉयटर्स के मुताबिक, इजराइल ने हमास के हथियार डालने और गाजा में उसके शासन के अंत पर जोर दिया, जबकि हमास ने इजराइली सेना की पूर्ण निकासी और फिलिस्तीनी राज्य की मान्यता की मांग रखी।
गाजा के 75% इलाके पर पहले से इजराइल का कंट्रोल
इजराइल की योजना का मकसद गाजा शहर में उन इलाकों में घुसना है, जहां हमास के कब्जे में अभी भी कई बंधक होने की आशंका है। ये वो इलाके हैं जहां अब तक इजराइली सेना ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई नहीं की है।
इजराइली सेना (IDF) का कहना है कि गाजा के लगभग 75% हिस्से पर उसका नियंत्रण है। गाजा पट्टी उस 25% इलाके में है, जो IDF के कब्जे में नहीं हैं।
इससे पहले नेतन्याहू ने पूरी गाजा पट्टी पर कब्जे की बात कही थी, लेकिन हालिया बयान में केवल गाजा सिटी का जिक्र है।
इजराइल कैबिनेट ने जंग खत्म करने के बदले हमास के सामने 5 प्रमुख शर्तें
- हमास पूरी तरह हथियार डाले।
- बचे हुए सभी 50 बंधकों की रिहाई। (इनमें से 20 के जीवित होने की संभावना है)
- गाजा से सैन्य ताकतों का खात्मा।
- गाजा पर इजराइल का सुरक्षा नियंत्रण।
- गाजा में ऐसा वैकल्पिक नागरिक प्रशासन बनाना, जो न तो हमास हो और न ही फिलिस्तीनी प्राधिकरण।
जर्मनी ने इजराइल को हथियार देने पर रोक लगाई
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज ने शुक्रवार को ऐलान किया कि जर्मनी अगले आदेश तक इजराइल को गाजा जंग में इस्तेमाल होने वाले हथियारों की सप्लाई नहीं करेगा।
इजराइल पर जंग के दौरान गाजा में निर्दोष लोगों को मारने के कई आरोप लगे हैं। इस वजह से जर्मनी ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के मद्देनजर यह कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक गाजा जंग में 60 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
गाजा में मानवीय संकट
संयुक्त राष्ट्र ने रविवार को चेतावनी दी कि गाजा में भुखमरी अब नियंत्रण से बाहर है। हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि शनिवार को 24 घंटों में कुपोषण से सात लोग मारे गए, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं।
युद्ध शुरू होने के बाद से कुपोषण से मरने वालों की संख्या 170 हो गई है, जिनमें 95 बच्चे हैं। गाजा में कुल 62 हजार से अधिक लोग मारे गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, मई 2025 से जीएचएफ के सहायता स्थलों के पास 1,353 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें से कई भोजन की तलाश में थे।

गाजा में बीते 19 महीनों से जारी जंग के बीच 5 लाख लोगों पर भुखमरी का संकट है।
गाजा में हर दिन 28 बच्चों की मौत, अब तक 18 हजार बच्चे मारे गए
यूनिसेफ ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि इजराइली बमबारी और मानवीय सहायता रोकने के चलते गाजा में हर दिन औसतन 28 फिलिस्तीनी बच्चों की मौत हो रही है।
अक्टूबर 2023 से अब तक 18 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। यूनिसेफ ने कहा कि बच्चों की मौतें बमबारी, कुपोषण और सहायता के अभाव से हो रही हैं। हालात इतने भयावह हैं कि बीते 24 घंटे में ही एक बच्चे सहित 8 लोग भुखमरी से मारे गए। अब तक 188 लोगों की भूख से मौत हुई, इनमें 94 बच्चे थे।
गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद अभी तक 60,933 लोगों की मौत हुई है और घायलों की संख्या 1.5 लाख पार कर चुकी है।