जिला सचिवालय में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते परिजन।
करनाल के चौरा खालसा गांव में 16 वर्षीय शुभम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या के मामले में परिजनों ने पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता के खिलाफ प्रदर्शन किया। शुक्रवार को लघु सचिवालय के सामने धरना देते हुए परिजनों ने जमकर नारेबाजी की। मृतक की मां
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क्या है मामला चौरा गांव में 29 जून की रात को शुभम की हत्या की गई। घटना के बाद 2 जुलाई को पुलिस ने तीन लोगों से पूछताछ की थी, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। बाली देवी का आरोप है कि उसने एक साल पहले आरोपी राजेंद्र के खिलाफ बेटी से छेड़छाड़ की शिकायत घरौंडा थाने में दी थी। आरोपी तभी से उसके बेटे के खिलाफ रंजिश रखे हुए था और धमकी दे चुका था कि शुभम की हत्या कर देगा।

मामले की जानकारी देती नाबालिग की मां बाली देवी।
29 जून को रविवार की रात साढ़े आठ बजे शुभम दूध लेने गांव की डेयरी गया था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। ग्रामीणों ने उसकी मां को सूचना दी कि शुभम एक सुनसान गली में पड़ा है। मौके पर जाकर बाली देवी ने देखा कि उसका बेटा संकरी और सुनसान गली में पड़ा था।
गले पर थे निशान, गला दबाकर की हत्या बाली देवी ने कहा कि उसके बेटे के गले पर चोट के निशान हैं और उसकी हत्या गला दबाकर तथा प्राइवेट पार्ट पर चोट मारकर की गई। उन्होंने बताया कि उनकी शादी घरौंडा के गांव फरीदपुर में हुई थी, और उनके पति की मौत आठ साल पहले हो चुकी थी। पहले उनके देवर और जेठ भी गुजर चुके थे। इसके बाद वह अपने मामा के घर आ गई थी और वहीं घरों में सफाई करके बेटी और बेटे का पालन-पोषण कर रही थी। बाली देवी ने गांव के ही पूर्व सरपंच राजेंद्र खुराना उर्फ बिल्ला और राजेंद्र तोमर पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस की पूछताछ में कोई ठोस सबूत नहीं मिले। मृतक की मां ने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि पांच-छह लोगों ने मिलकर शुभम का गला दबाकर उसकी हत्या की थी।

जिला सचिवालय में धरने पर बैठा परिवार।
टूटती गई न्याय की उम्मीद दो महीने गुजरने के बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे परिवार में न्याय की उम्मीद टूटती जा रही है। बाली देवी ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि आरोपी पकड़कर उन्हें न्याय दिलाया जाए, ताकि परिवार को मन की शांति मिल सके। परिजन लघु सचिवालय के सामने धरना देते हुए लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई और चेतावनी दी कि यदि आरोपी जल्द नहीं पकड़े गए तो वे और भी बड़े आंदोलन पर उतर सकते हैं।