कमेटी को मंदिर के सेवायत ने कानूनी नोटिस दिया है,जिसमें समय बढ़ाने को लेकर आपत्ति जताई है
बांके बिहारी मंदिर में दर्शनों के समय बढ़ाने को लेकर मंदिर के सेवायत ने हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी को नोटिस दिया है। इसके साथ ही बांके बिहारी जी के मथुरा के भक्तों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। दाखिल अर्जी में कहा है कि मंदि
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कमेटी को मंदिर की परंपरा और सेवा पूजा में हस्तक्षेप का नहीं है अधिकार
मथुरा के डीग गेट निवासी दीपक शर्मा,गिरधारी लाल शर्मा और डैंपियर नगर निवासी संजय हरियाणा ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी को प्रबंधन संबंधी अधिकार दिए गए हैं,कमेटी को मंदिर की परंपरा और पूजा सेवा में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

दाखिल याचिका में कहा गया है कमेटी को परंपरा और सेवा पूजा में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है
मंदिर में नहीं होते मंगला के दर्शन
कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि भगवान बांके बिहारी जी देर रात तक निधिवन में रास रचाते हैं। इसीलिए उनको सुबह जल्दी नहीं उठाया जाता है। यहां मंदिर में सुबह मंगला के न दर्शन होते हैं न आरती होती है। क्योंकि ठाकुर जी रास रचाकर थक जाते हैं और वह विश्राम करते हैं। जल्द जगाने से उनको परेशानी होगी इसीलिए इस फैसले को निरस्त किया जाए।

कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि मंदिर में मंगला दर्शन नहीं होते
कमेटी को दिया नोटिस
बांके बिहारी मंदिर में दर्शनों का समय बढ़ाने को लेकर मंदिर के शयन भोग सेवायत गौरव गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी को कानूनी नोटिस दिया है। नोटिस में कहा है कि दर्शन का समय पहले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तय किया है। रेलिंग हटाने के निर्देश भी 2022 में हाइकोर्ट ने दिए थे। यह कोर्ट की अवमानना है।
लाइव स्ट्रीमिंग पर लगाई थी रोक
गौरव गोस्वामी ने अपने एडवोकेट संकल्प गोस्वामी के माध्यम से भेजे गए नोटिस में कहा है कि जिला प्रशासन द्वारा 14 नवंबर 2022 को जिला प्रशासन के अनुरोध पर सिविल जज जूनियर डिवीजन ने लाइव स्ट्रीमिंग और दर्शन के समय वृद्धि का आदेश दिया था। जिसका उच्च न्यायालय द्वारा स्वतः ही संज्ञान लेकर 28 नवंबर को आदेश पर रोक लगा दी थी। यह मामला अभी तक लंबित है।