Ludhiana Lawyers Strike Sixth Day Himanshu Malik Jagraon Punjab News Update | लुधियाना में वकीलों की हड़ताल का छठा दिन: पार्षद हिमांशू मलिक पर दर्ज केस रद्द करने की मांग, पुलिस की समझौता कराने की कोशिश नाकाम – Jagraon News

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लुधियाना बार एसोसिएशन के प्रधान विपन सग्गर पार्षद हिमांशु मलिक मामले में जगराओं पहुंचे।

लुधियाना में आज यानी शनिवार को छठे दिन वकीलों की हड़ताल जारी है। पार्षद एडवोकेट हिमांशू मलिक पर दर्ज मामले को रद्द करवाने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन ने प्रदर्शन किया। इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने रणनीति के तहत भाजपा पार्षद और आजाद पार्षद के बीच स

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एक वकील के चैम्बर में करीब एक घंटे तक बैठक हुई, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। इस की पुष्टि एडवोकेट हिमांशू मलिक द्वारा की गई। आशंका जताई जा रही थी कि शनिवार को कोर्ट खुलने से पहले दोनों पार्षदों के बीच समझौता हो जाएगा और वकील हड़ताल खत्म कर देंगे, लेकिन पुलिस की योजना विफल रही।

अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस भाजपा पार्षद व झूठी गवाही देने वालों पर केस दर्ज करती है या फिर दोनों पार्षदों को दुबारा एक टेबल पर बिठाकर राजीनामा करवाती है। सूत्रों के अनुसार, वकीलों ने भी अपनी अलग रणनीति बनाई है। जल्द ही वे एसएसपी दफ्तर के बाहर धरना देंगे और पंजाब भर में हड़ताल की काल देंगे। आंदोलन का दूसरा चरण चंडीगढ़ और तीसरा चरण हरियाणा में हड़ताल के रूप में होगा।

पार्षद हिमांशु मलिक पर FIR हुई थी।

पार्षद हिमांशु मलिक पर FIR हुई थी।

पूर्व नगर कौंसिल अध्यक्ष व मौजूदा पार्षद सतीश कुमार पप्पू।

पूर्व नगर कौंसिल अध्यक्ष व मौजूदा पार्षद सतीश कुमार पप्पू।

दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक रंजिश जानकारी के मुताबिक, हिमांशू मलिक पर कथित तौर पर झूठा मामला दर्ज करना पुलिस के लिए अब सिरदर्द बन गया है। राजनीतिक दबाव में जांच रिपोर्ट से उलट केस दर्ज करना अब पुलिस के गले की हड्डी बन गया, जिसे पुलिस न निगल पा रही, न उगल पा रही। उधर कोर्ट में वकीलों की हड़ताल के कारण आमजन को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

भाजपा पार्षद सतीश कुमार द्वारा लगाए गए हमले और जातिसूचक शब्दों के आरोपों ने नगर परिषद राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामला अब पुलिस, राजनीति और वकीलों के बीच तकरार का रूप ले चुका है। भाजपा पार्षद सतीश कुमार का आरोप था कि पार्षद एडवोकेट हिमांशू मलिक ने उन पर हमला किया और जातिसूचक शब्द कहे।

इस संबंध में आप पार्टी से जुड़े दो पार्षदों और एक अन्य युवक ने गवाही दी। बाद में सामने आया कि गवाही देने वाला युवक मीटिंग में मौजूद ही नहीं था। कौंसिल मीटिंग हॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों और पुलिस जांच रिपोर्ट ने भी साफ कर दिया कि न तो मलिक ने हमला किया और न ही जातिसूचक शब्द कहे।

जांच अधिकारी डीएसपी जसज्योत ने अपनी रिपोर्ट में इसे राजनीतिक रंजिश का मामला बताया और दोनों पार्षदों पर अपराध रोको की कार्रवाई की सिफारिश की थी।

राजनीतिक दबाव में केस दर्ज इसके बावजूद, उच्च पुलिस अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव में आकर हिमांशू मलिक पर एकतरफा कार्रवाई की और थाना सिटी में धारा 115(2), 296, 351(2) के तहत केस दर्ज कर दिया। इस कार्रवाई के विरोध में बार एसोसिएशन ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हड़ताल शुरू कर दी, जो छठे दिन भी जारी रही। बार की मांग है कि पार्षद मलिक पर दर्ज केस को रद्द किया जाए।

छह दिन गुजरने के बाद भी मांग पूरी न होने पर वकीलों ने अब संघर्ष को तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। एसएसपी दफ्तर के बाहर धरना देने से लेकर पंजाब भर में हड़ताल का ऐलान और आगे चंडीगढ़ व हरियाणा तक आंदोलन ले जाने की योजना बनाई जा रही है।

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