Composer Rishabh Kant speaks on song barbaad from Saiyaara | सैयारा के सॉन्ग ‘बर्बाद’ पर बोले कंपोजर ऋषभ कांत: ये गाना किसी फिल्म के लिए नहीं था; मोहित सूरी की वजह से आया म्यूजिक में दिलचस्प

Actionpunjab
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2 घंटे पहले

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फिल्म सैयारा का गाना बर्बाद को दर्शकों ने खूब पसंद किया है। इस सॉन्ग को ऋषभ कांत न सिर्फ लिखा बल्कि कंपोज भी किया है। अब हाल ही में ऋषभ ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ये गाना किसी फिल्म के लिए नहीं था।

सैयारा का गाना ‘बर्बाद’ को काफी पसंद आ रहा है। आप इस पर क्या कहना चाहेंगे?

मुझे बहुत खुशी हो रही है कि लोग इस गाने के लिरिक्स और इसकी थीम से खुद को जोड़ पा रहे हैं। यह गाना मैंने दिल से लिखा था और जब लोग इसे सराहते हैं, तो लगता है मेहनत सफल हुई। चारों तरफ से इसे जो प्यार मिल रहा है, उसके लिए मैं सभी का दिल से शुक्रिया करता हूं।

जब आप यह गाना लिख रहे थे, तो उस समय आपके मन में क्या विचार चल रहे थे?

कोई भी कंपोजर हो, जब वह कोई गाना बनाता है तो उसकी कोशिश होती है कि वह बेहतरीन हो। साल 2021 में मैंने इस गाने का पहला ड्राफ्ट तैयार किया था। उस वक्त मुझे नहीं पता था कि यह गाना किस प्रोजेक्ट के लिए होगा। कोई एल्बम, फिल्म या कुछ और। लेकिन मेरे अनुभव से कहूं, जब आप बिना किसी माइंडसेट के साथ कुछ बनाते हैं, तो वह काम सच्चा और ईमानदार होता है। यही सोच उस समय मेरे मन में थी।

आपके सॉन्ग बर्बाद को सैयारा फिल्म में कैसे शामिल किया गया?

बर्बाद शुरुआत में किसी फिल्म के लिए बना ही नहीं था। 2022 में मैंने यह गाना एक इंडिपेंडेंट लेबल को दिया था। हम इसे एक पॉप सॉन्ग की तरह रिलीज करने की योजना बना रहे थे। जिस व्यक्ति को मैंने यह गाना सुनाया, वह उस वक्त मोहित सूरी सर के साथ काम कर रहा था। यश आनंद नाम के एक म्यूजिक सुपरवाइजर हैं, जो इंडस्ट्री में कई प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं। उन्होंने यह गाना मोहित सर को सुनाया।

यश को पता था कि मोहित सर किस तरह के गाने पसंद करते हैं और उन्हें यह भी समझ था कि बर्बाद की फील उनके किसी सीन या सिचुएशन के साथ मेल खा सकती है। 2023 में मुझे पता चला कि मोहित सूरी सर को यह गाना पसंद आया और उन्होंने इसे सैयारा फिल्म में शामिल करने का फैसला किया।

क्या इस गाने में मोहित सूरी ने कोई बदलाव करवाए थे?

मोहित सूरी सर का म्यूजिक सेंस वाकई में बेमिसाल है। इस देश में बहुत कम लोग होंगे जिनका संगीत को लेकर ऐसा गहरा समझ और जुनून हो। इस गाने के शुरुआती वर्जन में पूरा म्यूजिक, इंस्ट्रूमेंट्स और प्रोडक्शन मौजूद था, लेकिन मोहित सर ने सबसे पहले वो सब हटवा दिया। उन्होंने साफ कहा कि इसे सिर्फ गिटार पर सुनाओ। उनका मानना है कि अगर कोई गाना सिर्फ एक इंस्ट्रूमेंट जैसे कि गिटार पर भी अच्छा लगे, तो समझो उसमें असली ताकत है। हमने उनके कहे अनुसार सारी अतिरिक्त चीजें हटा दीं और सिर्फ गिटार और एक आवाज के साथ उन्हें सुनाया। तब जाकर इसे आगे बढ़ाया।

मोहित सूरी का ऐसा कौन सा गाना आपने सुना कि आपने कंपोजर बनने का फैसला कर लिया?

मुझे लगता है मैं अकेला नहीं हूं, हमारी पूरी जनरेशन मोहित सूरी की फिल्मों के गानों से कहीं न कहीं प्रभावित है। मैंने उनके कई गाने सुने हैं और कई बार तो मुझे ये भी नहीं पता होता था कि वो उन्हीं की फिल्म से हैं। मेरे पसंदीदा कंपोजर मिथुन हैं। उनके गानों में जो भावनात्मक गहराई और मेलोडी होती है, वो मुझे बहुत करीब लगती है। लेकिन अगर उस एक गाने की बात करूं जिसने मेरे दिल को छू लिया और मुझे कंपोजर बनने की दिशा में प्रेरित किया, तो वो है फिर मोहब्बत।

जब मैंने पहली बार वो गाना सुना, तो मुझे सिर्फ गाना पसंद नहीं आया, मैं उससे जुड़ गया। बाद में जब पता चला कि ये मोहित सूरी की फिल्म का गाना है और इसे मिथुन ने कंपोज किया है, तो मुझे इस कॉम्बिनेशन से एक अलग ही लगाव हो गया। मैंने तभी से ठान लिया कि अगर मैं कभी म्यूजिक में कुछ करूंगा, तो इसी तरह की सच्चाई और सादगी के साथ करूंगा। जब मेरी मुलाकात मोहित सूरी सर से हुई, तो मैंने उनसे यही कहा आप और मिथुन सर ही वो वजह हैं जिनकी वजह से मैं कंपोजर बना।

जब पहली बार फैमिली को बताया कि इंडस्ट्री में जाना है तो उनका क्या रिएक्शन था?

मैं बेहद आभारी हूं कि मेरे पेरेंट्स ने मुझे हमेशा सपोर्ट किया। उन्होंने कभी मेरे करियर को लेकर कोई रोक-टोक नहीं की, यहां तक कि जब मैंने इंडस्ट्री में आने का फैसला लिया। संघर्ष तो हर सफर का हिस्सा होता है, लेकिन सैयारा के बर्बाद सॉन्ग की सफलता ने सबकी मेहनत को सार्थक कर दिया है। सभी बहुत खुश हैं।

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