Bhiwani Chhoti Kashi Annakut Prasad distributed various | छोटी काशी भिवानी में जगह-जगह अन्नकूट प्रसाद वितरण: हनुमान जोहड़ी मंदिर में 3000 लीटर लस्सी और 5100 किलोग्राम अन्नकूट प्रसाद बनाया – Bhiwani News

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भिवानी की हनुमान जोहड़ी धाम में प्रसाद वितरित करते हुए बालयोगी महंत चरणदास महाराज

छोटी काशी भिवानी में दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा व अन्नकूट का प्रसाद जगह-जगह वितरित किया गया। इसको लेकर बड़ी संख्या में लोग प्रसाद वितरण कार्यक्रम में पहुंचे तथा कतारें लगाकर अन्नकूट का प्रसाद लेते नजर आएं। इसमें मुख्य तौर पर लस्सी व बेसन से बनने वा

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भिवानी की हनुमान जोहड़ी मंदिर में बुधवार को हवन उपरांत वार्षिक अन्नकूट महोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। जिसमें श्रद्धालुओं ने भाग लिया। बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा भंडारा आयोजित किया गया। जिसमें 3 हजार लीटर लस्सी और लगभग 5100 किलोग्राम विभिन्न प्रकार का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया।

भिवानी की हनुमान जोहड़ी धाम में प्रसाद वितरित करते हुए बालयोगी महंत चरणदास महाराज

भिवानी की हनुमान जोहड़ी धाम में प्रसाद वितरित करते हुए बालयोगी महंत चरणदास महाराज

महंत बोले- समाज में समानता, प्रेम और सहयोग की भावना प्रबल होती है बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने लोगों को इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाया और लोगों की जान बचाई। थी। उसके बाद जश्न के रूप में ग्रामीणों ने अन्नकूट का प्रसाद बांटा। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अन्नकूट का प्रसाद वितरित किया जाता है।

चरणदास महाराज ने कहा कि अन्नकूट पर्व भगवान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का उत्सव है। यह संदेश देता है कि अन्न का सम्मान करें, क्योंकि अन्न ही जीवन का आधार है। जब हम अन्न को प्रसाद के रूप में बांटते हैं, तो समाज में समानता, प्रेम और सहयोग की भावना प्रबल होती है।

भिवानी की नई अनाज मंडी में आयोजित अन्नकूट प्रसाद वितरण कार्यक्रम

भिवानी की नई अनाज मंडी में आयोजित अन्नकूट प्रसाद वितरण कार्यक्रम

नई अनाज मंडी में किया अन्नकूट प्रसाद वितरण भिवानी की नई अनाज मंडी में बुधवार को अन्नकूट प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नई अनाज मंडी प्रधान भुरू बंसल ने कहा कि दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाता है। इस दिन विशेष तौर पर भगवान श्रीकृष्ण व गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है।

अन्नकूट कथा को विस्तार से बताते हुए नई अनाज मंडी प्रधान भुरू बंसल ने बताया कि बृजवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने विशाल गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली से उठाकर हजारों जीव-जंतुओं व मनुष्यों के जीवन को देवराज इंद्र के गुस्से से बचाया था। भगवान कृष्ण ने देवराज इंद्र के घमंड को गोवर्धन पर्वत उठाकर चूर-चूर करने का काम किया था। उसके बाद से गोवर्धन पर्वत की होती है तथा इसी दिन अन्नकूट का प्रसाद भी बनता है।

इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट में अन्नकूट का प्रसाद वितरित किया भिवानी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा बुधवार को स्थानीय इंप्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट में अन्नकूट का प्रसाद वितरित किया गया। जिसमें श्रद्धालु मौजूद रहे और प्रसाद चखा। एसोसिएशन के प्रधान महाबीर जांगड़ा ने बताया कि प्रसाद में कढ़ी, पुरी, मिक्स सब्जी, चावल, हलवा श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। अन्नकूट का महत्व भगवान श्रीकृष्ण की लीला से जुड़ा हुआ है। भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुलवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाया था।

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