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लेपर्ड सुबह सुबह अचानक खेतों से होता हुआ बस्ती में आया। इस दौरान कई लोग मौजूद थे।
उदयपुर के कुराबड़ इलाके दूसरे दिन फिर लेपर्ड एक घर में जा घुसा। इसके बाद ग्रामीणों ने गेट बंदकर उसे घर मे कैद कर दिया। लेपर्ड सुबह सुबह अचानक खेतों से होता हुआ बस्ती में आया। इस दौरान कई लोग मौजूद थे। इसके बाद लेपर्ड ने किसी पर हमला नहीं किया और घर के
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बताया जा रहा है कि सुबह करीब 6:30 बजे लेपर्ड एक कच्चे घर में आया, इसके बाद मकान मालिक ने तत्परता दिखाते हुए अंदर बंद कर दिया। मामला कुराबड़ क्षेत्र के वसु पंचायत के रूणिचा गांव का है। लेपर्ड के खौफ से इलाके के लोग आज अकेले खेतों पर जाने से भी डर रहे है। वन विभाग की स्थानीय कर्मचारी पिंजरा लेकर मौके पर पहुंचे है। लेपर्ड के घर में कैद होने की सूचना पर दर्जनों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
इससे पहले कल भी इस क्षेत्र के बेमला में लेपर्ड एक घर मे आ गया था। इस दौरान एक मां-बेटे पर हमला भी किया। करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद उसे रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया था। कल भी जब महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगी तो लेपर्ड वहां से एक कमरे में घुस गया। इस पर महिला ने बाहर से गेट बंद कर दिया था। करीब 3 घंटे बाद लेपर्ड गेट तोड़कर भाग गया। महिला का शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और करीब 500 मीटर तक लेपर्ड का पीछा किया। इस पर लेपर्ड एक पोल्ट्री फार्म में घुस गया।
करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने उसे बाहर निकाला। घायल मां-बेटे को कुराबड़ अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनको छुट्टी दे दी। मामला बेमला ग्राम पंचायत के आड़ी तलाई क्षेत्र का था। पढिए पूरी खबर