ईटानगर8 मिनट पहले
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अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग जिले स्थित निगलोक सैनिक स्कूल में क्लास 7वीं के स्टूडेंट की मौत के मामले में पीड़ित की बहन ताडू लूनिया ने सीनियर्स पर रैगिंग के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर कहा कि 31 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे क्लास 10वीं के आठ और क्लास 8वीं के तीन छात्र जूनियर स्टूडेंट्स की डॉरमेट्री में घुसे।
इसके बाद सीनियर्स ने क्लास 7वीं के छात्रों को डराया-धमकाया और फिर उनके भाई को जबरदस्ती क्लास 10वीं की डॉरमेट्री में ले गए। लूनिया ने बताया कि उनके भाई को पूरी रात मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
लूनिया ने बताया कि CCTV फुटेज में उनका भाई सुबह करीब 5.45 बजे अपनी डॉरमेट्री के बाहर दिख रहा है। कुछ देर बाद वह एक खाली क्लास में गया, जहां से उसका सुसाइड नोट बरामद हुआ था। इसमें लिखा था कि- ‘सीनियर्स ने बहुत तंग किया, अब पता नहीं क्या करूं।’
दरअसल, 1 नवम्बर को 12 साल के छात्र का शव पानी के टैंक में मिला था। सुबह जब स्कूल के स्टाफ ने बॉडी देखी तो तुरंत उसे हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आठ छात्रों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित की बहन लूनिया ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया।
बहन बोली- सीनियर्स ने भाई को चोर कहा
पीड़ित की बहन लूनिया ने कहा कि सीनियर छात्रों ने उनके भाई को चोर कहकर अपमानित किया था और अगले दिन असेंबली में वीडियो दिखाकर पूरे स्कूल के सामने उसे बेइज्जत करने की धमकी दी थी।
परिवार ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में देरी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित छात्रों के नाम और घटनाक्रम स्पष्ट होने के बावजूद कार्रवाई धीमी है।
पुलिस बोली- स्टूडेंट्स के बयान लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे
वही पुलिस का कहना है कि मामले को शुरू में साधारण जानकारी के तौर पर दर्ज किया गया था, लेकिन 3 नवम्बर को छात्र के पिता द्वारा दर्ज FIR में रैगिंग और प्रताड़ना के नए आरोप आते ही मामला अपग्रेड कर दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और स्टूडेंट्स के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आठ छात्रों को हिरासत में लेकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) के सामने पेश किया है। बोर्ड ने उन्हें स्कूल के उप-प्राचार्य की निगरानी में सात दिनों की कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। वहीं स्कूल मैनेजमेंट ने आश्वासन दिया है कि बच्चे की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई इसकी पूरी जांच की जा रही है।