मुताबिक 6 बजे तक 60.95% वोटिंग हुई। इस आंकड़े में बदलाव होने की संभावना है, जिससे आम आदमी पार्टी को सीधा फायदा होता दिख रहा है। इससे लोगों में न तो सरकार के प्रति ज्यादा नाराजगी नजर आ रही है और न ही सरकार के प्रति निराश दिख रहे हैं।
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हालांकि यहां खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल पिछले उपचुनाव के मुकाबले अलग फैक्टर हैं, जिनकी पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे पहली बार चुनाव लड़ी है। इसका प्रदर्शन भी काफी हद तक चौंका सकता है।
इसके अलावा कांग्रेस के साथ अकाली दल भी यहां फाइट में मानी जा रही है। लेकिन पंजाब में सरकार होने से AAP को एज मिलता दिख रहा है।
वहीं 2022 से लेकर अब तक हुए 6 उपचुनाव में से भी 5 पर AAP को जीत मिली है। छठी सीट इसलिए हारे क्योंकि वहां पार्टी में बगावत हो गई थी।

EVM में कैद हुई उम्मीदवारों की किस्मत।
पिछले उपचुनाव का वोटिंग परसेंट का सीटवाइज गणित
- नवंबर 2024 में 4 सीटों पर उपचुनाव हुआ। इनमें 81.90% वाली गिद्दड़बाहा, 64,01% वाली डेरा बाबा नानक और 53.43% वाली चब्बेवाल सीट पर AAP को जीत मिली, चौथी सीट बरनाला पर 56.43% वोटिंग हुई, जहां से कांग्रेस जीती।
- जुलाई 2024 में जालंधर वेस्ट सीट पर उपचुनाव हुआ, जिसमें 55% वोटिंग हुई और AAP जीती।
- जून 2025 में लुधियाना वेस्ट में 51.33% वोटिंग हुई, यहां से भी AAP ने चुनाव जीता।
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वोटिंग प्रतिशत |
सत्ता पार्टी |
विपक्ष |
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60% और उससे अधिक वोटिंग |
सत्ता पार्टी को फायदा |
विपक्ष को सीमित मौका |
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50-60% के बीच वोटिंग |
सत्ता पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण |
विपक्ष की जीत की संभावना बढ़ती |
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50% से नीचे वोटिंग |
वोट बंटने से विपक्ष और सत्ता दोनों को नुकसान |
कम वोटिंग से नतीजा अनिश्चित |
पंजाब में उपचुनावों का इतिहास
1. 1992–1997 (कांग्रेस सरकार)
- 1992 में उग्रवाद के चरम के बीच अकाली दल ने विधानसभा चुनावों का बहिष्कार किया, जिसके चलते कांग्रेस ने 87 सीटें जीतकर सरकार बनाई और बेअंत सिंह मुख्यमंत्री बने।
- 1995 में गिद्दड़बाहा सीट पर उपचुनाव हुआ। क्योंकि कांग्रेस विधायक रघबीर सिंह एक मामले में दोषी ठहराए गए थे। इस उपचुनाव में मनप्रीत सिंह बादल जीते और वे उस विधानसभा में अकाली दल के एकमात्र विधायक बने।
2. 1997–2002 (अकाली-भाजपा सरकार)
- 1997 में प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में SAD-BJP गठबंधन ने 93 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की।
- इस कार्यकाल में पांच उपचुनाव हुए, जिनमें से चार SAD ने जीते और एक कांग्रेस ने।
- SAD ने किला रायपुर, मजीठा, शामचौरासी, सुनाम में जीत हासिल की
- कांग्रेस को लुधियाना नॉर्थ सीट पर जीत मिली।
- लुधियाना नॉर्थ में राकेश पांडेय (कांग्रेस) ने दोबारा उपचुनाव जीतकर सीट बरकरार रखी।
3. 2002–2007 (कांग्रेस सरकार)
- 2002 में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस ने 62 सीटें जीतकर सरकार बनाई।
- इस कार्यकाल में तीन उपचुनाव हुए और तीनों कांग्रेस ने जीते।
- अजनाला: SAD के रतन सिंह अजनाला के लोकसभा जीतने के बाद उपचुनाव हुआ, जिसे हरप्रताप सिंह अजनाला (कांग्रेस) ने जीता।
- गढ़शंकर: भाजपा विधायक अश्वनी कुमार शर्मा के सांसद बनने के बाद उपचुनाव हुआ, जिसे लव कुमार गोल्डी (कांग्रेस) ने जीता।
- कपूरथला: विधायक राणा गुरजीत सिंह के सांसद बनने के बाद उनकी भाभी सुखविंदर कौर ने सीट कांग्रेस के लिए बरकरार रखी।
4. 2007–2012 (SAD-BJP सरकार)
- इस अवधि में सिर्फ जलालाबाद में उपचुनाव हुआ।
- यह सीट SAD विधायक शेर सिंह घुबाया के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद खाली हुई।
- सुखबीर सिंह बादल ने यह उपचुनाव 83,000 से अधिक मतों से जीता और राज्य के उपमुख्यमंत्री बने।
5. 2012–2017 (SAD-BJP सरकार)
- इस कार्यकाल में चार उपचुनाव हुए।
- दसूहा: विधायक अमरजीत सिंह के निधन के बाद भाजपा की सुखजीत कौर ने जीत दर्ज की।
- मोगा: कांग्रेस विधायक जोगिंदर पाल जैन ने SAD जॉइन की और उपचुनाव में SAD टिकट पर फिर जीते।
- तलवंडी साबो: कांग्रेस विधायक जीत मोहन सिद्धू ने SAD में आकर उपचुनाव जीता।
- पटियाला अर्बन: कैप्टन अमरिंदर सिंह के सांसद बनने के बाद उनकी पत्नी परनीत कौर ने यह सीट जीती।
6. 2017–2022 (कांग्रेस सरकार)
- कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के दौरान कुल सात उपचुनाव हुए, जिनमें से कांग्रेस ने छह और SAD ने एक जीता।
- अमृतसर (लोकसभा): अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद गुरजीत औजला (कांग्रेस) जीते।
- गुरदासपुर (लोकसभा): बीजेपी सांसद विनोद खन्ना के निधन के बाद सुनील जाखड़ (कांग्रेस) जीते।
- शाहकोट, फगवाड़ा, मुकेरियां, जलालाबाद, दाखा में उपचुनाव हुए। इनमें से चार कांग्रेस ने जीते, दाखा में SAD के मनप्रीत अयाली जीते।
7. 2022–अब तक (AAP सरकार)
- संगरूर (लोकसभा): भगवंत मान के इस्तीफे के बाद उपचुनाव में AAP को हार मिली, SAD (अमृतसर) के सिमरनजीत सिंह मान जीते।
- जालंधर (लोकसभा): कांग्रेस सांसद संतोख सिंह के निधन के बाद हुए उपचुनाव में AAP के सुशील कुमार रिंकू जीते।
- जालंधर वेस्ट के विधायक शीतल अंगुराल के BJP में जाने के बाद AAP के मोहिंदर भगत ने सीट जीती और मंत्री बने।
- नवंबर 2024 में गिद्दड़बाहा, बरनाला, चब्बेवाल (SC), डेरा बाबा नानक में उपचुनाव हुए।
- AAP ने तीन सीटों पर (गिद्दड़बाहा, चब्बेवाल, डेरा बाबा नानक) जीत हासिल की।
- कांग्रेस ने बरनाला में जीत हासिल की।
- 2025 में लुधियाना वेस्ट सीट पर उपचुनाव में AAP के संजीव अरोड़ा ने जीत दर्ज की।