युवक पर किरच और चाकुओं से हमला किया गया, खून से लथपथ पड़ा मिला।
जगराओं के कोठे खंजुरा गांव में युवक पर किरच और चाकुओं से जानलेवा हमला किया गया, उसकी गर्दन और आंखों पर गहरे चोट के निशान हैं। उसका इलाज PGI चंडीगढ़ में चल रहा है, जहां उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
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पुलिस ने घटना के 4 दिन बाद रविवार को 2 लोगों पर केस दर्ज किया है। जिससे अब परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस की जांच और दर्ज एफआईआर पर गंभीर सवाल उठाए हैं, खासकर मोबाइल लूट के मामले को लेकर, जिसका एफआईआर में कोई जिक्र नहीं है और न ही लूट की धाराएं लगाई गई हैं। जिसको लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

घायल युवक को संभालते हुए परिजन।
अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला
- बाजार जाने की बात कह कर घर से ले गए: राजवीर के पिता बूटा सिंह ने बताया कि 19 नवंबर की रात करीब 9 बजे वह बेटे राजवीर के साथ काम से घर लौटे थे। उसी समय गांव के जगसीर सिंह उर्फ सीरा और जश्नप्रीत सिंह उनके घर आए और राजवीर को यह कहकर अपने साथ ले गए कि वे बाजार से कुछ खा-पीकर आते हैं।
- नाले के पास खून से लथपथ मिला: राजवीर देर रात तक घर नहीं लौटा। इसके बाद पिता बूटा सिंह ने गांव के युवक जगराज सिंह के साथ पूरी रात उसकी तलाश की। अगली सुबह जब दोनों सेम नाले की तरफ पहुंचे, तो उन्होंने राजवीर को खून से लथपथ पाया।
- किरच और चाकुओं से हमला किया: बूटा सिंह के अनुसार, उन्होंने देखा कि दोनों आरोपी उनके बेटे पर लोहे के किरच और चाकुओं से हमला कर रहे थे। बूटा सिंह के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। राजवीर खून से लथपथ अधमरी हालत में पड़ा था। राजवीर को गंभीर हालत में जगराओं सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे लुधियाना और बाद में PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।
- FIR में मोबाइल लूट का जिक्र नहीं: हमले के दिन ही आरोपियों ने राजवीर का मोबाइल फोन भी छीन लिया था। गांव वालों ने इस बात की पुष्टि की है। पीड़ित राजवीर ने खुद एक वीडियो में इसकी जानकारी दी थी और परिवार ने भी लगातार इस बात को दोहराया है। इसके बावजूद, पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में मोबाइल लूट का कोई जिक्र नहीं किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले को कमजोर करने के लिए जानबूझकर लूट की धारा नहीं लगाई गई है।
- चिट्ठे के नशे के लिए लूटा मोबाइल: मोहल्ले की महिला स्वर्ण कौर ने तो कैमरे पर कहा, जब तक हमारे मोहल्ले से नशा खत्म नहीं होगा, पूरा गांव किसी भी चुनाव में वोट नहीं करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि मोबाइल को महज चिट्ठे के नशे के लिए लूटा गया था।
- चार दिन बाद दर्ज हुआ मामला: पिता बूटा सिंह के बयान पर पुलिस ने घटना के चार दिन बाद दोनों युवकों के खिलाफ इरादा कत्ल सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
- ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ गहरा रोष: परिवार और ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ गहरा रोष है। उनका कहना है कि FIR में देरी, लूट की धारा हटाना और आरोपियों का फरार रहना—यह सब पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

खून से लथपथ युवक जमीन पर पड़ा, जिसकी गर्दन और आंख पर चाकू से हमला किया गया।
मोबाइल लेकर गए थे, पर लूट नहीं थी- जांच अधिकारी
जब केस के जांच अधिकारी ASI करमजीत सिंह से इस बारे में बातचीत की गई तो उन्होंने कहा मोबाइल लेकर जरूर गए थे, पर लूटने वाली कोई बात नहीं थी। सारा दिन आरोपी इकट्ठे ही रहते थे, मारपीट के बाद मोबाइल अपने साथ ले गए। पुलिस ने जगसीर सिंह उर्फ सीरा व जश्नप्रीत सिंह उर्फ जश्ना निवासी कोठे खजूरा पर केस दर्ज किया है।
इलाज के लिए ग्रामीणों ने जोड़े पैसे
राजवीर गरीब परिवार से संबंध रखता है। उसके इलाज के लिए गांव वालों ने आपसी सहयोग से पैसे इकट्ठे किए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि वे मदद न करते तो गंभीर रूप से घायल राजवीर का इलाज संभव ही नहीं था। गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो वे मजबूरन उग्र कदम उठा सकते हैं।