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डूंगरपुर। चौरासी विधायक अनिल कटारा ने देर शाम झलाप गांव स्थित नाना भाई खांट जनजाति छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान छात्रावास में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें बच्चों को परोसी गई पानी वाली सब्जी मुख्य थी।
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निरीक्षण के दौरान बच्चों को दी गई सब्जी में पानी अधिक और सब्जी न के बराबर थी। छात्रों ने विधायक को बताया कि उन्हें समय पर खाने की सामग्री नहीं मिलती। विभाग द्वारा निर्धारित सारणी के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता और नाश्ता व दूध भी उपलब्ध नहीं कराया जाता। अधिकतर केवल दाल ही खिलाई जाती है।
यह छात्रावास एक किराए के जर्जर भवन में संचालित हो रहा था, जहां बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाओं का अभाव मिला। छात्रावास में 50 छात्रों का नामांकन दर्ज है, लेकिन निरीक्षण के समय केवल 5 छात्र ही उपस्थित थे। छात्रावास अधीक्षक भी मौके से नदारद मिले।
छात्रों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि किराए के भवन में न बल्ब हैं, न पंखे और न ही रहने योग्य आवश्यक व्यवस्थाएं। उन्हें शौच के लिए भी बाहर जाना पड़ता है।
इन अनियमितताओं पर विधायक अनिल कटारा ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छात्रावास व्यवस्था आदिवासी छात्रों के भविष्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। विभाग को सभी सुविधाएं समयबद्ध और ईमानदारी से उपलब्ध करानी चाहिए।
विधायक कटारा ने आरोप लगाया कि सरकार और विभाग के अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र के आदिवासी छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और विभाग को जनसेवा की अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी चाहिए। उन्होंने जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री को पार्टी प्रचार छोड़कर विभाग के काम पर ध्यान देने की नसीहत भी दी।