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यमुनानगर में 75 करोड़ रुपए के बहुचर्चित धान घोटाले में विभागीय कार्रवाई तेज हो गई है। आज मंगलवार को हैफेड ने घोटाले में लापरवाही और अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद एक सीनियर मैनेजर, दो फील्ड इंस्पेक्टर और एक टेक्निकल ऑफिसर सहित कुल चार अधिकारियों क
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टेक्निकल ऑफिसर अनिल कुमार और फील्ड इंस्पेक्टर राजेश कुमार व चंद्र मोहन को कुरुक्षेत्र हैफेड कार्यालय भेजा गया है, जबकि सीनियर मैनेजर सलिंद्र कुमार को पंचकूला मुख्यालय से अटैच किया गया है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिक जांच में इन सभी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिसके बाद अब चारों को चार्जशीट करने की तैयारी चल रही है।
सस्पेंड अधिकारियों को किया जाएगा चार्जशीट
हैफेड डीएम उधम सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों के निर्वहन में ईमानदार नहीं पाए गए। उन्होंने कहा कि चारों निलंबित अधिकारियों को चार्जशीट किए जाने की तैयारी की जा रही है और संपूर्ण जांच अत्यधिक पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएगी।
विभाग का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, कार्रवाई तेज होने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि धान घोटाले के पीछे की पूरी सच्चाई जल्द सामने आएगी और पूरे प्रकरण से पर्दा उठेगा।
कल संदीप सिंगला को कोर्ट में किया जाएगा पेश
उधर, इस घोटाले के मुख्य आरोपी और राइस मिलर संदीप सिंगला से पुलिस की पूछताछ तेजी से आगे बढ़ रही है। संदीप सिंगला, जिसे सीआईए-1 टीम ने एक सप्ताह पहले राजस्थान से गिरफ्तार किया था, को यमुनानगर लाकर स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया था। पुलिस ने गहन पूछताछ के लिए 10 दिन का रिमांड मांगा था, मगर कोर्ट ने पहले 6 दिन का रिमांड ही दिया।
पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने के बाद रिमांड को दो दिन और बढ़ा दिया गया। अब बुधवार को उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस का फोकस यह जानने पर है कि गबन किया गया इतना बड़ा धान आखिर कहां बेचा गया, इसमें और कौन लोग शामिल थे, और पैसे का लेन-देन किन माध्यमों से हुआ।
जांच के दौरान स्टॉक में पाई गई थी भारी कमी
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ था जब हरियाणा राज्य खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिले की 13 नवंबर को प्रतापनगर में सात राइस मिलों के गोदामों की जांच की थी। जांच में सामने आया कि रिकॉर्ड में लाखों क्विंटल धान दर्ज था, लेकिन वास्तविक स्टॉक में भारी कमी पाई गई।
विभाग की रिपोर्ट के अनुसार करीब 75 करोड़ रुपए मूल्य का सरकारी धान गायब था। इसी रिपोर्ट के आधार पर 13 नवंबर को मिल मालिक संदीप सिंगला और उसकी पत्नी रितिका सिंगला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद से ही संदीप सिंगला फरार चल रहा था।
राजस्थान के जयपुर से पकड़ा गया था आरोपी
पिछले कई दिनों से एसआईटी उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। आरोपी बार-बार लोकेशन बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा, लेकिन टीम ने पंजाब, दिल्ली से लेकर राजस्थान तक उसकी हर संभावना वाली जगह पर दबिश दी और अंततः राजस्थान में जयपुर से उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
विभागीय कार्रवाई और पुलिस जांच दोनों के तेज होने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि 75 करोड़ के इस घोटाले की पूरी सच्चाई जल्द सामने आएगी और इस बड़े गबन के पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हो सकेगा।
खाद्य विभाग का एएफएसओ सस्पेंड
उधर खाद्य, नागरिक सप्लाई एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने यमुनानगर के असिस्टेंट फ़ूड एंड सप्लाइज़ ऑफिसर (AFSO) अवतार सिंह को विभागीय कार्रवाई लंबित रहने तक तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह कदम उनकी लंबित विभागीय जांच के मद्देनज़र उठाया गया है।
आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान उनका हेडक्वार्टर नारनौल स्थित जिला खाद्य एवं आवश्यक वस्तु नियंत्रक कार्यालय रहेगा। डिपो होल्डर एसोसिएशन द्वारा विभाग को शिकायत प्राप्त हुई थी कि एएफएसओ द्वारा डिपो होल्डरों से मंथली मांगी जाती थी। जिसके बाद विभागीय जांच हुई और एएफएसओ को सस्पेंड कर दिया गया।