6318 cases were settled in Balrampur Lok Adalat | बलरामपुर लोक अदालत में 6318 मामले निपटाए गए: एक दिन में 1.69 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा जारी – Balrampur News

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सुजीत कुमार | बलरामपुर4 मिनट पहले

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बलरामपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के देखरेख में शनिवार को सिविल न्यायालय परिसर में यह आयोजन हुआ। इसकी अध्यक्षता जनपद एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष उत्कर्ष चतुर्वेदी ने की।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और सिविल जज (प्रवर खंड) अतुल कुमार नायक ने बताया कि इस लोक अदालत में फौजदारी, सिविल, राजस्व, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक, भरण-पोषण, उपभोक्ता फोरम और प्री-लिटिगेशन से संबंधित हजारों वादों का निपटारा आपसी सुलह-समझौते के आधार पर किया गया।

जनपद एवं सत्र न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी ने सिविल के 10 में से 6 वादों का निपटारा किया। वहीं, फौजदारी के 4 वादों में से 1 का निपटारा कर 500 रुपए का जुर्माना वसूला गया।

मोटर दुर्घटना दावा प्रतितोष अधिकरण के पीठासीन अधिकारी आलोक कुमार शुक्ला ने 100 में से 25 वादों का निपटारा करते हुए 1 करोड़ 50 लाख 78 हजार 159 रुपए की प्रतिकर राशि जारी करने का आदेश दिया।

प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय विनोद कुमार बरनवाल ने 160 पारिवारिक वादों में से 74 का सफल निपटारा किया। इसके तहत 54 लाख 20 हजार 500 रुपए की धनराशि दिलाए जाने का आदेश पारित किया गया।

फौजदारी मामलों में भी लोक अदालत का व्यापक प्रभाव दिखा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनूप कुमार पाण्डेय ने 3262 फौजदारी वादों में से 3224 का निपटारा कर 2 लाख 75 हजार 140 रुपए का जुर्माना वसूला। अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी सैकड़ों मामलों का निपटारा कर हजारों रुपए का अर्थदंड वसूला।

राजस्व न्यायालयों में 33,000 से अधिक वादों का निपटारा हुआ।इसमें प्री-लिटिगेशन स्तर पर ही 29,827 मामलों का समाधान कर न्यायालयों पर बोझ कम किया गया।बैंक रिकवरी के 959 मामलों का भी निपटारा किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद के विभिन्न न्यायालयों द्वारा कुल 6904 वाद नियत किए गए थे,जिनमें से 6318 वादों का निपटारा किया गया। फौजदारी मामलों में कुल 3,09,710 रुपए का अर्थदंड वसूला गया।एम.ए.सी.टी. न्यायालय द्वारा 1 करोड़ 50 लाख 78 हजार 159 रुपए का प्रतिकर प्रदान किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कुल 1 करोड़ 69 लाख 25 हजार 220 रुपए की धनराशि से संबंधित आदेश पारित हुए।

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