MGNREGA VB G RAM G Bill Controversy; Sonia Gandhi Vs BJP | Modi Govt | सोनिया बोलीं- मोदी मजदूरों का पैसा बढ़ने नहीं देना चाहते: मनरेगा खत्म होगा तो करोड़ों गरीब बेरोजगार होंगे, सालभर काम की गारंटी खत्म हो जाएगी

Actionpunjab
6 Min Read


नई दिल्ली2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
सोनिया गांधी बोलीं- मनरेगा खत्म होने से करोड़ों मजदूरों पर बुरा असर होगा। - Dainik Bhaskar

सोनिया गांधी बोलीं- मनरेगा खत्म होने से करोड़ों मजदूरों पर बुरा असर होगा।

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी MGNREGA को खत्म करने से गांवों में रहने वाले करोड़ों लोगों पर बुरा असर पड़ेगा। मनरेगा खत्म होना सामूहिक नाकामी है। इसके खिलाफ सभी से एकजुट होना चाहिए।

सोनिया गांधी ने 22 दिसंबर को अंग्रेजी अखबार The Hindu में पब्लिश अपने कॉलम ‘द बुलडोजर डिमॉलिश ऑफ मनरेगा’ में यह बात कही। उनका कॉलम तब आया है, जब राष्ट्रपति मुर्मू विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल को मंजूरी दे चुकी हैं, जो मनरेगा की जगह लेगा।

इस नए कानून में ग्रामीण मजदूरों को 125 दिन काम देने की गारंटी दी गई है। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान 16 दिसंबर को लोकसभा से VB-G-RAM-G बिल पास किया गया था। 18 दिसंबर को इसे राज्यसभा से पास किया गया था।

कॉलम में सोनिया के आरोप…

  • मनरेगा महात्मा गांधी के सर्वोदय यानि ‘सबका कल्याण’ के विचार पर आधारित था। इसने काम के अधिकार को मजबूत किया है। संकट से बचने के लिए ग्रामीणों के लिए बने इस रोजगार गारंटी कानून को बुलडोजर चलाकर खत्म कर दिया गया है।
  • MGNREGA संविधान के अनुच्छेद 41 से प्रेरित था, जिसमें नागरिकों को काम का अधिकार देने की बात कही गई है। मोदी सरकार ने बिना चर्चा, बिना सलाह और संसद की प्रक्रिया का सम्मान किए बिना योजना को खत्म कर दिया। जबकि महात्मा गांधी का नाम हटाना तो सिर्फ शुरुआत थी, असल में पूरी योजना को ही खत्म कर दिया गया है।
  • इस योजना का दायरा अब केंद्र सरकार की मर्जी से होगा। पहले जहां बजट की कोई सीमा नहीं थी। अब तय बजट होगा, जिससे राज्यों में काम के दिनों की संख्या सीमित हो जाएगी। इससे सालभर रोजगार की गारंटी खत्म हो जाएगी।
  • मनरेगा की सबसे बड़ी सफलता थी कि इससे ग्रामीण गरीबों, खासकर भूमिहीन मजदूरों की सौदेबाजी की ताकत बढ़ी और मजदूरी में सुधार हुआ। नया कानून इस ताकत को कमजोर कर देगा। सरकार मजदूरों का पैसा बढ़ने से रोकना चाहती है, जबकि आजादी के बाद पहली बार कृषि क्षेत्र में रोजगार बढ़ा है।
  • सरकार झूठा दावा कर रही है कि रोजगार 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। मोदी सरकार ने पिछले 10 सालों में बजट रोकी, तकनीकी मुश्किलें खड़ी की और मजदूरों को देर से पैसा देकर मनरेगा को कमजोर किया है।

मनरेगा खत्म करना, संविधान पर हो रहे हमलों का हिस्सा सोनिया गांधी ने लिखा है कि काम का अधिकार खत्म करना संविधान पर लगातार हो रहे हमलों का हिस्सा है। वोट देने का अधिकार, सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, वन अधिकार कानून और भूमि अधिग्रहण कानून को भी कमजोर किया गया है।

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि तीन कृषि कानूनों के जरिए किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि MSP का अधिकार छीना गया और अब नेशनल फूड सिक्योरिटी कानून भी खतरे में है।

राहुल गांधी ने लिखा- यह विकास नहीं, विनाश है

राहुल गांधी ने मां सोनिया के कॉलम को X पर शेयर किया। लिखा- न जनसंवाद, न संसद में चर्चा, न राज्यों की सहमति, मोदी सरकार ने मनरेगा और लोकतंत्र दोनों पर बुलडोजर चला दिया है। यह विकास नहीं, विनाश है, जिसकी कीमत करोड़ों मेहनतकश भारतीय अपनी रोजी रोटी गंवा कर चुकाएंगे।

विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी यानि VB-G-RAM-G बिल, 20 साल पुराने मनरेगा की जगह लेगा। 21 दिसंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बिल को मंजूरी दे दी। जिसके बाद VB-G-RAM-G बिल अब कानून बन गया है।

संसद के शीतकालीन सत्र में 8 बिल पास: कांग्रेस का आरोप- शुरुआत टैगोर के और अंत महात्मा गांधी के अपमान से हुआ

तस्वीर 16 दिसंबर की है। हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने VB-G RAM G बिल संसद में पेश किया था।

तस्वीर 16 दिसंबर की है। हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने VB-G RAM G बिल संसद में पेश किया था।

संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चला था। इस 19 दिनों में दोनों सदनों से 8 बिल पास किए गए। शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा की प्रोडक्टिविटी 121% और लोकसभा की 111% रही।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था कि वंदे मातरम् पर बहस सरकार की नेहरू को बदनाम करने और इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने पर थी। 1937 में टैगोर की सिफारिश पर ही CWC ने फैसला किया था कि वंदे मातरम् के पहले दो छंदों को राष्ट्रगान के रूप में गाया जाएगा। MGNREGA की जगह G RAM G बिल लाना महात्मा गांधी का अपमान है। पूरी खबर पढ़ें…

………………………….

ये खबर भी पढ़ें…

‘जी राम जी’ बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी: चिदंबरम बोले- मनरेगा से गांधी का नाम हटाना उनकी दोबारा हत्या जैसा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 21 दिसंबर को विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी बिल, 2025 (VB-G-RAM-G) को मंजूरी दे दी। अब यह कानून बन गया। नया कानून 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लेगा। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने रविवार को कहा कि मनरेगा (MGNREGA) से महात्मा गांधी का नाम हटाना उनकी दोबारा हत्या करने जैसा है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *