पीलीभीत5 मिनट पहले
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सोमवार को पीलीभीत के पूरनपुर स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय परिसर में भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कार्यकर्ताओं और बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) के बीच तीखी झड़प हो गई। किसान अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि अधिकारियों को मौके से हटना पड़ा और अंततः प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ही धरना समाप्त हुआ।
दोपहर करीब 12 बजे भाकियू (भानु) के दर्जनों कार्यकर्ता अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे और घेराव कर धरने पर बैठ गए। किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग में भ्रष्टाचार और मनमानी चरम पर है। उन्होंने बिजली विभाग पर कई गंभीर आरोप लगाए।

किसानों ने बताया कि जिन घरों में विभाग ने अभी तक मीटर नहीं लगाए हैं, वहां विजिलेंस टीम अवैध रूप से धन उगाही कर रही है। इसके अलावा, उन्होंने बढ़ते बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर की तेज रफ्तार को लेकर भी गहरा रोष व्यक्त किया।
धरने के दौरान जब अधिशासी अभियंता किसानों से बातचीत कर रहे थे, तभी हरीपुर उपकेंद्र के जेई आर्यन पांडे वहां पहुंचे। बातचीत के दौरान जेई और किसान नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि जेई ने किसानों को पुलिस बुलाने की धमकी दी, जिससे प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और उन्होंने विभाग के खिलाफ नारेबाजी तेज कर दी।
हंगामे के दौरान पीलीभीत के अधीक्षण अभियंता भी कार्यालय में मौजूद थे। हालांकि, बिगड़ते माहौल और किसानों के आक्रोश को देखते हुए वे बिना किसी ठोस निर्णय के वहां से चले गए, जिससे किसानों की नाराजगी और बढ़ गई।
स्थिति बिगड़ती देख मामले की सूचना तत्काल तहसील प्रशासन को दी गई। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अजीत प्रताप सिंह और तहसीलदार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का निष्पक्ष निस्तारण किया जाएगा और अभद्र व्यवहार के मामले की भी जांच की जाएगी।