असगर नकी | सुलतानपुर3 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

सुल्तानपुर में बुधवार को न्यूनतम पारा 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। घने कोहरे के कारण शहर में विजिबिलिटी मात्र 10 मीटर रही, जिससे कड़ाके की ठंड और गलन महसूस हुई। लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर थे।
इस सबके बीच, शहर के बस स्टॉप, जिला अस्पताल, शाहगंज और डाकखाना चौराहे पर नगर पालिका द्वारा लगाए गए अलाव में लकड़ी का एक कुंदा ही सुलगता मिला, जिसमें आग कम और धुआं अधिक था। वहीं, रेलवे स्टेशन गेट के बाहर, चौक और पंचरस्ता समेत कई स्थानों पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं थी। यह स्थिति तब है जब एसडीएम सदर बिपिन द्विवेदी ने पिछली रात ही निरीक्षण किया था।
कोहरे के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। आधा दर्जन ट्रेनें विलंबित चल रही हैं, जबकि अप हरिहर एक्सप्रेस रद्द कर दी गई है। सद्भावना एक्सप्रेस भी 5 घंटे की देरी से चल रही है।
शाहगंज चौराहे पर मौजूद मजदूर सौरभ कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यहां अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा, “जब मर्जी होती है लकड़ी गिराते हैं, जब मर्जी होती है नहीं गिराते। जलाकर खाली चले जाते हैं, पब्लिक का काम है जलाना। नगर पालिका से लोग आते हैं, कभी आते हैं कभी नहीं आते। गीली लकड़ियां गिरा देते हैं जिसे जलाने में बहुत परेशानी होती है।”

एक अन्य मजदूर रामनाथ ने बताया कि वे काम के लिए आए हैं। उन्होंने कहा, “रोजाना लकड़ी जलाई जाती है, लेकिन आज यहां लकड़ी उपलब्ध नहीं है। हम यही मांग करते हैं कि चौराहे पर अलाव जलाया जाए ताकि सभी को राहत मिल सके। यहां प्रतिदिन लगभग एक हजार मजदूर आते हैं।”

अलीगंज से आए मजदूर राजेश साहू ने भी अलाव की व्यवस्था न होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि नगर पालिका कर्मचारी कभी लकड़ी डालते हैं और कभी नहीं। और जो लकड़ी डालते भी हैं, वह केवल एक-दो छोटे टुकड़े होते हैं। वह भी गीली होती है, जिससे आग नहीं जल पाती।

इस संबंध में जब सुबह 9:11 बजे एसडीएम सदर बिपिन द्विवेदी को उनके सीयूजी नंबर पर कॉल किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद 9:12 बजे एसडीएम प्रशासन गौरव शुक्ला का सीयूजी नंबर भी नहीं उठा। नगर पालिका के ईओ लालचंद ने भी फोन उठाना उचित नहीं समझा।