Four tourists from Delhi lost their way Triund track | Dharmshala | Himachal | दिल्ली के 4 टूरिस्ट त्रियुंड में रास्ता भटके: भागसूनाग के पास घने जंगल में फंसे, पुलिस ने 4 घंटे रेस्क्यू चलाकर सुरक्षित निकाले – Dharamshala News

Actionpunjab
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धर्मशाला के त्रियुंड ट्रैक पर फंसे चार दोस्त।

दिल्ली के 4 टूरिस्ट धर्मशाला के त्रियुंड ट्रैक से लौटते समय रास्ता भटक गए। वे भागसूनाग वाटरफॉल के ऊपरी घने जंगल में फंस गए थे। मोबाइल की मदद से उन्होंने प्रशासन को अपनी लोकेशन साझा की, जिसके बाद मैक्लोडगंज पुलिस ने 4 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद उन्हें

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जानकारी के अनुसार, दिल्ली के ये चारों दोस्त शुक्रवार सुबह ट्रैकिंग के लिए त्रियुंड गए। शाम को वापसी के दौरान वे मुख्य रास्ते से भटक गए और भागसूनाग वाटरफॉल के ऊपरी हिस्से की ओर निकल गए। अंधेरा होने पर उन्हें घने जंगल में दिशा का ज्ञान नहीं रहा, जिससे वे काफी देर तक भटकते रहे।

त्रियुंड ट्रैक पर फंसे 4 दोस्त।

त्रियुंड ट्रैक पर फंसे 4 दोस्त।

जिला प्रशासन को भेजी मोबाइल लोकेशन

स्थिति बिगड़ती देख युवकों ने सूझबूझ दिखाते हुए मोबाइल के जरिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) से संपर्क किया और अपनी लाइव लोकेशन साझा की। डीडीएमए ने तत्काल इसकी सूचना मैक्लोडगंज पुलिस को दी।

4 घंटे की मशक्कत के बाद चारों सुरक्षित रेस्क्यू

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस ने लोकेशन ट्रैक करते हुए जंगल में करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चारों युवकों को ढूंढ निकाला। सभी पर्यटकों को देर रात तक सुरक्षित मैक्लोडगंज लाया गया और फिर उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर सिंह ने बताया कि पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि सभी पर्यटक पूरी तरह सुरक्षित हैं।

धर्मशाला का त्रियुंड ट्रैक जहां दिल्ली के 4 दोस्त फंस गए थे।

धर्मशाला का त्रियुंड ट्रैक जहां दिल्ली के 4 दोस्त फंस गए थे।

ट्रैकिंग पर जाते समय इन बातों का रखें ध्यान, अकेले न जाएं

स्थानीय प्रशासन ने अनजान रास्तों पर हमेशा गाइड या स्थानीय जानकार को साथ ले जाकर ट्रेकिंग पर जाने की सलाह दी है।

समय का ध्यान: सूर्यास्त से पहले सुरक्षित स्थान पर वापस लौटे।

बैटरी बैकअप: अपना मोबाइल फुल चार्ज रखें और पावर बैंक साथ लेकर चलें, ताकि मुसीबत में संपर्क किया जा सके।

रूट न छोड़ें: हमेशा निर्धारित ट्रैक का ही इस्तेमाल करें, शॉर्टकट के चक्कर में जान जोखिम में न डालें।

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