तेहरान18 मिनट पहले
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ईरानी पुलिसकर्मी को गोली मारने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
ईरान में आर्थिक संकट को लेकर चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच बुधवार को एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यह घटना ईरान के दक्षिण-पूर्वी प्रांत सिस्तान और बलूचिस्तान में हुई।
वीडियो में एक अज्ञात हमलावर चलती गाड़ी से बाहर झुककर लगातार फायरिंग करता है। वीडियो में सिर्फ बंदूक का सिरा दिखाई देता है। गोलियां लगने के बाद पुलिस की गाड़ी सड़क से उतरकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है। मारे गए पुलिस अधिकारी की पहचान महमूद हकीकत के रूप में हुई है।
यह पिछले दो दिनों में ईरान में मारे गए दूसरे पुलिसकर्मी की घटना है। इससे पहले मंगलवार को एहसान अगाजानी नाम के एक पुलिस अधिकारी की पश्चिमी ईरान के इलाम प्रांत में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे मालेकशाही इलाके में झड़पों के दौरान घायल हुए थे और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
ईरान में बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन जारी
ईरान में पिछले महीने से सरकार के खिलाफ तेज विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। यह पिछले तीन सालों में सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा आंदोलन माना जा रहा है। विरोध की शुरुआत तब हुई जब तेहरान के ऐतिहासिक ग्रैंड बाजार के दुकानदारों ने गिरती मुद्रा (रियाल) के विरोध में दुकानें बंद कर दीं।
इसके बाद यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया। लोग आर्थिक बदहाली, सरकारी कुप्रबंधन, पश्चिमी प्रतिबंधों और राजनीतिक व सामाजिक आजादी पर पाबंदियों के खिलाफ सड़कों पर उतर आए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा है कि अगर ईरानी सुरक्षा बल उन्हें मारते हैं तो अमेरिका उनके साथ खड़ा होगा। वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है।
हालांकि, ईरान के मुख्य न्यायाधीश गोलामहुसैन मोहसनी एजई ने चेतावनी दी है कि इस्लामिक रिपब्लिक के दुश्मनों की मदद करने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
ईरान की इकोनॉमी तेल निर्यात पर निर्भर
साल 2024 में ईरान का कुल निर्यात लगभग 22.18 बिलियन डॉलर था, जिसमें तेल और पैट्रोकैमिकल्स का बड़ा हिस्सा था, जबकि आयात 34.65 बिलियन डॉलर रहा, जिससे व्यापार घाटा 12.47 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
2025 में तेल निर्यात में कमी और प्रतिबंध के कारण यह घाटा और बढ़कर 15 बिलियन डॉलर तक बढ़ा है। मुख्य व्यापारिक साझेदारों में चीन (35% निर्यात), तुर्की, यूएई और इराक शामिल हैं। ईरान चीन को 90% तेल निर्यात करता है।
ईरान ने पड़ोसी देशों और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ व्यापार बढ़ाने की कोशिश की है, जैसे कि INSTC कॉरिडोर और चीन के साथ नए ट्रांजिट रूट्स। फिर भी, 2025 में जीडीपी वृद्धि केवल 0.3% रहने का अनुमान है। प्रतिबंध हटने या परमाणु समझौते की बहाली के बिना व्यापार और रियाल का मूल्य स्थिर करना मुश्किल रहेगा।
कई देशों ने ईरान पर प्रतिबंध लगा रखा है…

क्राउन प्रिंस को सत्ता सौंपने की मांग
47 साल बाद अब मौजूदा आर्थिक बदहाली और सख्त धार्मिक शासन से नाराज लोग अब बदलाव चाहते हैं।
इसी कारण 65 वर्षीय क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी को सत्ता सौंपने की मांग उठ रही है। प्रदर्शनकारी उन्हें एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक विकल्प मानते हैं।
युवाओं और जेन जी को लगता है कि पहलवी की वापसी से ईरान को आर्थिक स्थिरता, वैश्विक स्वीकार्यता और व्यक्तिगत आजादी मिल सकती है।
तीन साल में सबसे बड़ा प्रदर्शन
ये प्रदर्शन 2022 के बाद सबसे बड़े माने जा रहे हैं। उस समय 22 साल की महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद पूरे देश में आंदोलन भड़क गया था। उन्हें हिजाब ठीक से न पहनने के आरोप में मोरैलिटी पुलिस ने पकड़ा था।
इससे पहले सोमवार को तेहरान के कुछ इलाकों में हालात काबू से बाहर होने पर पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को हटाया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
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