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हनुमानगढ़ अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर धानका समाज का धरना 152वें दिन जारी।
हनुमानगढ़ में धाणका/धानका जनजाति संघर्ष समिति का अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी करने पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर धरना शुक्रवार को 152वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान समाज के लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष थाली बजाकर प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों
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समिति के सदस्य ज्वाला धाणका ने बताया कि 152 दिन से धरना जारी है, लेकिन प्रशासन ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जगाने के लिए थाली बजाई गई है।
धाणका समाज के जाति प्रमाण पत्र बनाने पर सरकार ने वर्ष 2020 से रोक लगा रखी है। इस कारण प्रशासन उनके जाति प्रमाण पत्र नहीं बना रहा है। समाज का कहना है कि जाति प्रमाण पत्र न बनने से लाखों बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
प्रमाण पत्र के अभाव में बच्चों को शिक्षा और नौकरियों में फायदा नहीं मिल पा रहा है, साथ ही उन्हें छात्रवृत्ति भी नहीं मिल रही। समाज को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। ज्वाला धाणका ने बताया कि सीकर, अलवर, जयपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में जाति प्रमाण पत्र बन रहे हैं, लेकिन हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में ही धाणका समाज के जाति प्रमाण पत्र बनाने पर रोक लगी हुई है।
समिति ने एक बार फिर मांग दोहराई है कि धाणका-धानका जाति के प्रमाण पत्र जारी करने पर लगी रोक को तत्काल हटाया जाए।