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पानीपत जिले के उपमंडल इसराना के सरकारी स्कूलों में कमरों की कमी के कारण छात्रों और अध्यापकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सर्दियों के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है, क्योंकि शिक्षकों को एक ही कमरे में दो-दो कक्षाएं चलानी पड़ रही हैं। इससे शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बुआना लाखू स्कूल में केवल आठ कमरे, हॉल नहीं गांव बुआना लाखू के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पहली से बारहवीं तक के छात्रों के लिए केवल आठ कमरे उपलब्ध हैं। स्कूल में कोई हॉल नहीं है, जिससे ठंड के मौसम में बच्चों को बैठने में कठिनाई होती है। स्कूल में पहले एक पुराना हॉल था, जिसे विभाग ने कंडम घोषित कर दिया था। बाद में उसकी नीलामी कर दी गई और प्राप्त राशि विभाग में जमा करा दी गई। हालांकि, अब तक नए हॉल या अतिरिक्त कमरों के निर्माण को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है। शाहपुर स्कूल में भी पांच कमरों में चल रही प्लस टू तक की कक्षाएं इसी तरह शाहपुर गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में केवल पांच कमरे हैं, जबकि यहां प्लस टू तक की कक्षाएं संचालित की जाती हैं। कमरों की कमी के कारण छात्रों को ठंड में एक साथ बैठना पड़ता है, जिससे पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। रिटायर्ड अध्यापक वेद वशिष्ठ ने बताया कि बुआना लाखू और शाहपुर दोनों स्कूलों में कमरों की कमी के कारण बच्चों को सर्दियों में एक कमरे में दो-दो कक्षाओं में बैठना पड़ता है। इससे न केवल छात्रों को असुविधा होती है, बल्कि शिक्षकों के लिए भी पढ़ाई कराना मुश्किल हो जाता है। शिक्षा मंत्री को भेजा गया पत्र, ग्रामीणों में रोष ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और हरियाणा सरकार को पत्र भेजा जा चुका है। इसमें दोनों स्कूलों में नए कमरे और हॉल बनवाने की मांग की गई है। हालांकि, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
इसराना के दो सरकारी स्कूलों में कमरों की भारी कमी:एक कमरे में लगानी पड़ रही दो-दो कक्षाएं; छात्रों को हो रही परेशानी
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