ईरान पर इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनाई की शहादत और स्कूली बच्चों की मौत के कारण अजमेर के शिया समुदाय ने इस वर्ष ईदुल फितर को पूर्ण सादगी और शोक के साथ मनाने का फैसला किया है।
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तारागढ़ और दौराई इलाके में रहने वाले शिया परिवारों की ओर से न तो नए कपड़े पहने जाएंगे, न कोई पकवान बनाए जाएंगे। इस दौरान न ही किसी प्रकार की खुशी मनाई जाएगी। ईद की नमाज के दौरान लोग हाथों या कंधों पर काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करेंगे।

नमाज अदा करते शिया समुदाय के लोग।
तारागढ़ पंचायत खुद्दाम दरगाह सैयद मीरा हुसैन के संयुक्त सचिव सैयद महमूद इजलालने बताया कि सुबह 9 बजे तारागढ़ पर ईद की नमाज अदा की जाएगी। इस दौरान सभी नमाजी हाथों के बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए आतंकवादी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर को शहीद किया गया और एक स्कूल पर हमले में करीब 150 स्कूली बच्चों समेत सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान गई। ऐसे में खुशी मनाना हमारे लिए नामुमकिन है।
तारागढ़ के ईमाम जुम्मा नक़ी मेहंदी ज़ैदी ने भी पुष्टि की कि पूरे शिया समुदाय में इस ईद पर कोई उत्सव नहीं मनाया जाएगा। शहीद हुए लोगों की याद में दुआओं का सिलसिला चलेगा। दौराई के इमाम-ए-जुमा मौलाना सैय्यद तकी जाफर ने बताया कि इस वर्ष दौराई का शिया समुदाय ईदुल फितर को अत्यंत सादगी से मनाएगा। हम शहीदों के लिए दुआ करेंगे और उनके प्रति अपनी एकजुटता जताएंगे।
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