यूपी के मौसम में उठापटक चल रही है। अगले कुछ दिन या महीने कैसे रहने वाले हैं, इसको लेकर ‘दैनिक भास्कर’ ने लखनऊ के आंचलिक मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह से बात की। उन्होंने बताया,
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इस सीजन पश्चिम यूपी में हीटवेव (लू) के दिन कम रहने वाले हैं। इस हिस्से में दिन का टेम्परेचर 30-42°C के बीच रहने का अनुमान है। मतलब, गर्मी कम परेशान करेगी। वहीं, पूर्वांचल के लोगों को धूप तपाएगी। यहां आमतौर पर हीटवेव 3 से 5 दिन चलती हैं, लेकिन अनुमान है कि इस बार पूर्वांचल में 10-15 दिनों तक गर्म हवा के थपेड़े परेशान कर सकते हैं।

मार्च के महीने में यूपी में 9.3 मिमी बारिश हुई। अब 10 अप्रैल तक दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने का अनुमान है। मतलब- फिर बारिश का दौर आएगा।
1 अप्रैल को यूपी में औसत से 1100% ज्यादा बारिश हुई। वैज्ञानिकों को 0.1 मिमी बारिश की उम्मीद थी, इसकी जगह 1.2 मिमी रिकॉर्ड की गई। अब पूरे अप्रैल में 104% से ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। कुछ जिलों में ओले भी पड़ सकते हैं।
इस सीजन में गर्मी कितना परेशान करेगी? हीट वेव कितने दिन चलेगी? पढ़िए रिपोर्ट…

सवाल. क्या यूपी में इस सीजन झुलसा देने वाली गर्मी पड़ेगी?
जवाब. नहीं, ये पूरी तरह से ठीक नहीं है। यूपी के मौसम को दो हिस्सों में समझते हैं। पहला- पूर्वांचल का, दूसरा- पश्चिम यूपी। पूर्वांचल में अप्रैल से जून महीने तक हीटवेव (लू) लोगों को परेशान करेगी। यहां दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा यानी 41 डिग्री सेल्सियस से 45 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।
गर्मियों में हीटवेव आमतौर पर 3 से 5 दिनों तक चलती है। इस बार ये 10 से 15 दिन या उससे ज्यादा समय तक भी बनी रह सकती है। वहीं, पश्चिम यूपी और बुंदेलखंड के जिलों में हीटवेव नहीं चलेगी।
इसकी वजह ये है कि यहां बारिश ज्यादा होने की वजह से तापमान सामान्य से कम रह सकता है। मतलब, दिन में झुलसा देने वाली गर्मी नहीं पड़ेगी।
वहीं, पूरे यूपी में अप्रैल से जून के महीनों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने का अनुमान है, इसका मतलब ये हुआ कि रातें गर्म होंगी। यूपी के अलग-अलग इलाकों में इस बार मौसम में अंतर देखने को मिलने वाला है। कहीं तेज गर्मी तो कहीं बारिश की वजह से थोड़ी राहत रहेगी।

सवाल. अचानक आंधी-बारिश हो रही है, फिर तेज धूप निकल रही है, इसकी क्या वजह है?
जवाब. अचानक आंधी-बारिश की वजह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस हैं। ये इस सीजन में नॉर्मल है। हर साल इस सीजन में आंधी-तूफान के साथ बारिश होती है। हालांकि, इस साल वेस्टर्न डिस्टर्बेंस बहुत जल्दी-जल्दी आ रहे हैं। इस वजह से लगातार आंधी-बारिश का मौसम बना हुआ है। 10-15 दिन पहले तक ऐसा मौसम नहीं था।
बारिश की वजह से लोगों को थोड़ी देर के लिए राहत जरूर मिलती है, लेकिन धूप निकलने के बाद फिर उमस बढ़ जाती है। अगले 10 दिनों में दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होंगे। इससे आने वाले हफ्तों में इसी तरह का मौसम बना रहेगा।
सवाल. क्या इस साल बारिश ज्यादा होने वाली है? मानसून अपने समय पर होगा या जल्दी आएगा?
जवाब. यूपी में मार्च में सामान्य बारिश हुई है। अप्रैल में सामान्य से ज्यादा बारिश होने के आसार हैं। हालांकि, मानसून को लेकर अभी से कोई अनुमान नहीं दिया जा सकता। इसके बारे में अप्रैल के आखिरी हफ्तों में कुछ अनुमान आएंगे। मानसून आने की तारीख तो मई में ही पता चल सकेगी।
यूपी में बारिश और ओले गिरने की 2 तस्वीरें

मथुरा- जिले में ओले गिरे, तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

कानपुर- आधी रात को तेज बारिश हुई। 40-50 km प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
सवाल 4. बारिश, ओले गिरने से खेती पर क्या असर पड़ेगा?
जवाब. इस समय सभी फसलें मेच्योरिटी स्टेज में हैं, तो फसलों को नुकसान होना तय है। इस समय बेमौसम बारिश हो रही है, तेज हवा चल रही है, ओले भी गिर रहे हैं तो ये सब फसलों को नुकसान ही पहुंचाएंगे।
अगर हवा न चल रही होती, सिर्फ बारिश होती तो थोड़ा-बहुत फायदा हो सकता था। हवा की वजह से फसलें खेतों में गिर जा रही हैं। गेहूं, सरसों, दलहन, तिलहन की फसल को नुकसान हो रहा है। पिछले 5 दिन में 15 से 20 हजार किसानों की फसल को नुकसान पहुंच चुका है।

तस्वीर अंबेडकरगर जिले की है। यहां बारिश से गेहूं की फसल खराब हो गई। किसान जल्दबाजी में फसल काट रहे हैं।
मार्च में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से आंधी-बारिश मार्च के महीने की शुरुआत में हल्की गर्मी हुई। फिर तेज आंधी और बारिश हुई। पूरे महीने का औसत तापमान 21°C से 35°C के बीच रहा। आम तौर पर मार्च में 1-2 दिन ही बारिश होती है, लेकिन इस बार मार्च में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ज्यादा सक्रिय रहे। इसकी वजह से 15 से 20 मार्च के बीच 27 जिलों में आंधी-बारिश और ओले गिरे।
फिर 26 से 31 मार्च के बीच लगातार 4-5 दिन मौसम खराब रहा। 38 जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलीं। मार्च में यूपी के 48 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। मार्च के महीने में 9.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। जबकि औसत बारिश 8.8 मिमी होती है, इस तरह से महीने में 6% ज्यादा बारिश हुई।
1 अप्रैल को पूरे यूपी में 1.2 मिमी बारिश हुई। जबकि औसत बारिश 0.1 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह से 1100% ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है।
बिजनौर में सबसे ज्यादा बारिश
| जिला | बारिश (mm) |
| बिजनौर | 23.2 |
| बाराबंकी | 18.2 |
| लखनऊ | 18 |
| बहराइच | 15.4 |
| मेरठ | 11.2 |
संभल में सबसे कम बारिश
| जिला | बारिश (mm) |
| मुजफ्फरनगर | 7.2 |
| बिजनौर | 6.8 |
| सहारनपुर | 5.2 |
| संभल | 2.7 |
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, बदायूं, एटा, अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ, अमरोहा, नोएडा, गाजियाबाद में औसत बारिश रिकॉर्ड हुई।
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यूपी में बेमौसम बारिश हो रही है। बुधवार तड़के से लखनऊ-अमेठी समेत 20 शहरों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। तेज हवाएं चल रही हैं। फर्रुखाबाद में देर रात ओले गिरे।मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 40 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम बिगड़ा है। पढ़िए पूरी खबर…