मोगा में आधार निगरानी समिति की बैठक:5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का पंजीकरण करवाने की अपील, एमबीयू प्रक्रिया पर चर्चा

Actionpunjab
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मोगा जिले में उपायुक्त सागर सेतिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आधार नामांकन की स्थिति की समीक्षा करना और अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) प्रक्रिया को और मजबूत बनाना था। बता दे कि चंडीगढ़ स्थित यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस बैठक में भाग लिया। बैठक में आधार प्रमाणीकरण और आधार ऑफलाइन सत्यापन सहित आधार से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने की लोगों से अपील उपायुक्त सागर सेतिया ने जिले के निवासियों से अपील की कि वे 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों का आधार कार्ड पंजीकरण अवश्य कराएं। उन्होंने विशेष रूप से 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) करवाने पर जोर दिया। बाल विकास विभाग को विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, उपायुक्त ने शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया। इन शिविरों के माध्यम से आधार पंजीकरण और बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया को सुगम बनाया जाएगा। 0 से 5 वर्ष की आयु के हजारों बच्चे लंबित सागर सेतिया ने बताया कि 0 से 5 वर्ष की आयु के लगभग 42,385 बच्चे और 5 से 18 वर्ष की आयु के 13,397 बच्चे अभी तक आधार कार्ड पंजीकरण के लिए लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, 5 वर्ष से कम आयु के 44,529 बच्चे और 5 से 15 वर्ष की आयु के 36,949 बच्चे अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) के लिए लंबित हैं। बायोमेट्रिक अपडेट शिविर आयोजित करने का निर्देश उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट शिविर आयोजित करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने जिले के सभी निवासियों से अपने बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) करवाने की अपील की, ताकि वे बिना किसी परेशानी के विभिन्न सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकें। सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के निर्देश उन्होंने जिले के निवासियों से अपील की कि वे विभिन्न सरकारी सुविधाओं का बिना किसी परेशानी के लाभ उठाने के लिए अपने आधार कार्ड में अपने मोबाइल नंबर और दस्तावेज अपडेट करें । उन्होंने यह भी बताया कि जिले के बड़ी संख्या में नागरिकों के मोबाइल नंबर आधार कार्ड से जुड़े नहीं हैं और उनके बायोमेट्रिक्स अपडेटेड नहीं हैं , जिसके कारण उन्हें सेवाओं का लाभ उठाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

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