रेप केस में सजा काट रहे नारायण साईं को तलाक:इंदौर की फैमिली कोर्ट ने दी मंजूरी; पत्नी को 2 करोड़ रुपए एलुमनी का आदेश

Actionpunjab
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मध्यप्रदेश के इंदौर में फैमिली कोर्ट ने नारायण साईं और उनकी पत्नी जानकी के बीच लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद में तलाक को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने नारायण साईं को पत्नी को 2 करोड़ रुपए स्थायी भरण-पोषण (एलुमनी) देने का आदेश दिया है। यह मामला करीब आठ साल तक कोर्ट में चला। कोर्ट ने 2 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रखने के बाद आदेश पारित किया था, जिसकी जानकारी मंगलवार को पीड़िता के वकील अनुराग गोयल ने दी। बता दें कि नारायण सांई अभी दुष्कर्म के एक मामले में सूरत जेल में बंद है। 24 मार्च को ही उसे इंदौर की फैमिली कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। 2008 में शादी, 2013 से अलग रह रहे थे याचिका के मुताबिक, जानकी और नारायण साईं की शादी 2008 में हुई थी, लेकिन 2013 से दोनों अलग रह रहे हैं। पत्नी ने पति पर परित्याग का आरोप लगाया और कहा कि लंबे समय से उनके बीच वैवाहिक संबंध नहीं हैं। 5 करोड़ मांगे, कोर्ट ने 2 करोड़ तय किए
याचिका में नारायण साईं पर अन्य महिलाओं से संबंध होने के आरोप लगाए गए। साथ ही सूरत की अदालत में दुष्कर्म मामले में सुनाई गई सजा का भी उल्लेख किया गया। पत्नी ने 5 करोड़ रुपए एलुमनी की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 2 करोड़ रुपए देने का आदेश दिया। 50 लाख भरण-पोषण बकाया धारा 125 सीआरपीसी के तहत पहले 50 हजार रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण तय किया गया था, लेकिन यह नियमित रूप से नहीं दिया गया। वकील के मुताबिक, करीब 50 लाख रुपए बकाया हैं, जिसकी वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हाई कोर्ट में चुनौती की संभावना जानकारी के अनुसार, इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। संपत्ति के सत्यापन को लेकर इंदौर कलेक्टर को निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक पूरी जानकारी कोर्ट में पेश नहीं हो सकी है। यौन शोषण केस में आजीवन कारावास नारायण साईं को सूरत की दो बहनों के साथ रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। साल 2013 में सूरत की दो बहनों ने केस दर्ज कराया था। छोटी बहन ने नारायण साईं के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था, जबकि बड़ी बहन ने उसके पिता आसाराम के खिलाफ शिकायत की थी। छोटी बहन के आरोप के अनुसार, नारायण साईं ने 2002 से 2005 के बीच उसके साथ कई बार रेप किया था। पीड़िता आसाराम के आश्रम की ‘सेविका’ थी। उसने सूरत के जहांगीरपुरा आश्रम, गांभोई आश्रम, पटना आश्रम, काठमांडू आश्रम और मध्य प्रदेश के मेघनगर आश्रम ले जाकर रेप करने का आरोप लगाया था।

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